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केंद्र सरकार के अहंकार को प्रणाम- CM भूपेश बघेल

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बोले- आपके अहंकार को प्रणाम, केंद्र सरकार के अहंकार को प्रणाम, 1840 की दर से खरीदेंगे धान मगर किसानों के खाते में पहुंचाएंगे 25 सौ रुपए

रायपुर: धान खरीदी के मुद्दे पर एक नया मोड़ आ गया है. विधानसभा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बड़ी घोषणा की है. सीएम ने कहा कि किसानों को किस तरह से 2500 रुपए का समर्थन मूल्य दिया जाए इसको लेकर समिति बनेगी. समिति में मंत्री रविंद्र चौबे, प्रेमसाय सिंह टेकाम, उमेश पटेल, अमरजीत भगत समेत अन्य मंत्री शामिल होंगे.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हम केंद्र सरकार की दर को टांग देंगे और 1840 की दर से ख़रीदेंगे. आपके अहंकार को प्रणाम. केंद्र सरकार के अहंकार को प्रणाम. लेकिन 2500 किसान का हक़ है और वो हम देकर रहेंगे. अब वो कैसे दे इसके लिए समिति बनी है जिसमें कृषि मंत्री वन मंत्री उच्च शिक्षा मंत्री खाद्य मंत्री सहकारिता मंत्री शामिल हैं.

यह विभिन्न राज्यों का अध्ययन करेगी और निष्कर्ष देगी कि किसानों को उनके हक़ का पैसा कैसे दिया जाये. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दोहराया कि 2500 रुपए किसान का हक़ है और वो हम उनकी जेब में देकर रहेंगे. पर यह किस मद से दिया जाए इसके लिए समिति अपनी राय देगी.

मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि विरोध केंद्र सरकार का नहीं केंद्र सरकार के सिस्टम का है, जिस केंद्र सरकार ने 2 सालों तक नियम को शिथिल किया अभी उस नियम को शिथिल क्यों नहीं किया जा रहा है, क्या केवल सरकार बदलने से छत्तीसगढ़ के किसानों को सजा मिलेगी?

हम केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान से दो बार मुलाकात कर चुके हैं. प्रधानमंत्री से मिलने के लिए समय मांगा.राष्ट्रपति से भी मिलने का समय मांगा. केंद्रीय खाद्य मंत्री ने हमारी मांगों का समर्थन किया लेकिन कहा कि निर्णय पीएमओ से होगा.

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि हम इस मुद्दे पर राजनीति नहीं कर रहे हैं. हम केंद्र सरकार से लड़ भी नहीं रहे. हम अपनी बात रख रहे हैं, विपक्ष की तरह चुप नहीं रह सकते. मैं विपक्षी साथियों से फिर से निवेदन कर रहा हूं कि विपक्ष एक बार पीएम से निवेदन कर ले.

बीजेपी सांसदों के निवास का घेराव किए जाने के मामले में विपक्षी सवालों के बीच भूपेश बघेल ने कहा कि हम सांसदों का घेराव करना नहीं चाहते थे. इसलिए हमने उन्हें याद दिलाने के लिए घेराव का कार्यक्रम बनाया था. इससे पहले हमने उनसे निवेदन किया था कि केंद्र सरकार से बात की जाए. धान के मसले पर हम राजनीति नहीं कर रहे, राजनीति तो पूर्ववर्ती बीजेपी की सरकार कर रही थी.

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