समरसता एक्सप्रेस में धड़ल्ले से बिक रहा दूसरी कम्पनी का पानी

अंकित मिंज

बिलासपुर।

आईआरसीटीसी अधिकारियों की नाक के नीचे ट्रेनों में पेंट्रीकार के ठेकेदार रेलनीर की जगह दूसरी कम्पनी का पानी बेचने में लगे हुए है। पुरी- हरिद्वार उत्कल एक्सप्रेस व सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस के बाद अब समरस्ता एक्सप्रेस में रेल नीर की जगह दूसरी कम्पनी का पानी धड़ल्ले से बेचा जा रहा है।

रविवार को भी यह नजारा देखने को मिला। रविवार की सुबह 11ः30 से 11ः45 के बीच प्लेटफॉर्म नं. 2 में आकर रुकी समरस्ता एक्सप्रेस में पेंट्रीकार का वेंडर शीतल पेय के साथ ही उज्जैन कम्पनी का पानी बॉटल बेच रहा था।

खुले आम बिक रहे दूसरी कम्पनी के बॉटल के पानी को लेकर जब वेंडर से बात की गई तो उसने बताया कि रेलनीर का पानी खरीदने में मंहगा पड़ता है और इससे वह आमदनी नहीं है जो दूसरे ब्रांड के पानी से होती है।

वेंडर ने यह भी कहा कि जब तक दो पैसे आमदनी न हो मेहनत करने का फायदा क्या। रेलनीर बेचने से न तो ठेकेदार का फायदा होता है और न ही हमारी रोजी ही निकल पाती है, इसके चलते दूसरे कम्पनी का पानी बेचना पड़ता है। तो वहीं ठेकेदार ने खुद का बचाव करते हुए कहा कि यह पानी हम लोग अपने पीने के रखते है बेचने के लिए रेल नीर ही दिया जाता है। जब पूछा गया की वेंडर तो शीतल पेय के साथ इसे बेच रहा था तो उसने कहा ऐसा नहीं है, गलती से चला गया होगा।

दूसरे ब्रांड के पानी में होती है डबल कमाई

असल में रेलनीर की खरीदारी पर पेंट्रीकार को तीन रुपए की कमाई होती है क्योकी आईआरसीटीसी रेल नीर की प्रति बॉटल 12 रुपए में देता है। जिसे पेंट्रीकार 15 रुपए में बेचता है। लेकिन दूसरे ब्रांड का पानी खरीदारी में महज 6 से 7 रुपए में ही मिल जाती है। इससे दूगना मुनाफा होता है। इस कारण पेंट्रीकार भी दूसरे ब्रांड का पानी बेचने में ही ज्यादा रुचि लेते है और आईआरसीटीसी की आंख में धूल झोकने के लिए कम मात्रा में रेल नीर भी खरीदते है इससे वह बचे रहे सके।

दूसरे ब्रांड का पानी न बिके इसके लिए रेलवे करता है हजारों की जुर्माना कार्रवाई: पिछले दिनों उत्कल एक्सप्रेस में लगातार दूसरे ब्रांड का पानी बेचने की शिकायत पर आईआरसीटीसी व रेलवे के अधिकारियों ने पेंट्रीकारों पर 20 हजार से लेकर 50 हजार तक जुर्माना किया लेकिन उसके बाद भी यह गोरखधंधा खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है।

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