स्वच्छता ऐप में डाला जयस्तंभ चौक के पास नहीं हुई सफाई, मिनटों में टीम पहुँची और इलाका साफ

स्वच्छता ऐप में डाला जयस्तंभ चौक के पास नहीं हुई सफाई, मिनटों में टीम पहुँची और इलाका साफ

स्वच्छता ऐप में डाला जयस्तंभ चौक के पास नहीं हुई सफाई, मिनटों में टीम पहुँची और इलाका साफ

अब तक 9000 से अधिक साफ-सफाई से संबंधित समस्याएँ हो चुकी अपलोड, एक दिन से भी कम समय में किया जा रहा निराकरण

राजनांदगांव: जयस्तंभ चौक से गुजरते हुए चंद्रकात शर्मा की नजर यहाँ बिखरी गंदगी पर पड़ी। उन्होंने स्वच्छता ऐप डाउनलोड किया था। एक सेकेंड के लिए उन्होंने अपनी गाड़ी साइड की। मोबाइल से फोटो खींचा। स्वच्छता ऐप में अपलोड कर दिया।

एक मिनट के भीतर ही स्वच्छता ऐप को ट्रैक कर रहे निगम के अमले ने इसकी सूचना एस क्षेत्र में साफ-सफाई कर रहे अधिकारी को दी। उन्होंने अपनी टीम भेजी और इसे साफ करा दिया। स्वच्छता ऐप ने नागरिकों को नगर की साफ-सफाई के लिए अपना योगदान देने बड़ा अवसर उपलब्ध कराया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए नगर निगम कमिश्नर श्री अश्विनी देवांगन ने बताया कि हम लोग लगातार स्वच्छता ऐप को ट्रैक कर रहे हैं। हमारे पास चिखली से जानकारी आई कि यहाँ नालियाँ साफ नहीं हुई है। हमने अपनी टीम को भेजा और साफ-सफाई के फोटोग्राफ हमारे पास उपलब्ध हैं।

श्री देवांगन ने बताया कि स्वच्छता ऐप इसलिए अच्छा है क्योंकि इसको पूरे देश में मानीटर किया जा रहा है। हमारी चुनौती होती है कि हम जल्द से जल्द स्वच्छता ऐप में आने वाली फोटो से संबंधित समस्या का निराकरण कर सकें। अब तक 9000 से अधिक कंप्लेन स्वच्छता ऐप के माध्यम से शहर में आ चुके हैं और इनका निराकरण किया जा चुका है। श्री देवांगन ने बताया कि बीते दिनों कलेक्टर श्री भीम सिंह ने इस संबंध में बैठक भी ली थी और बड़े पैमाने पर लोगों को स्वच्छता ऐप से जोडऩे का निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिया था। इसका अच्छा परिणाम हुआ है और अब लोग स्वत: स्फूर्त ऐप डाउनलोड कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्वच्छता ऐप डाउनलोड करना बेहद आसान है।

इसमें एक मिनट से भी कम समय लगता है। बीते दिनों सांसद जनसंवाद कार्यक्रम में सांसद महोदय ने भी अपने मोबाइल फोन में स्वच्छता ऐप डाउनलोड किया। श्री देवांगन ने बताया कि जनवरी माह के आखिर में स्वच्छता सर्वेक्षण होने वाला है। इसमें किसी नगर की स्वच्छता संबंधी मानकों में एक यह भी है कि नागरिक स्वच्छता ऐप को लेकर कितने जागरूक हैं और इसके माध्यम से किस तरह से सफाई की समस्या डालते हैं। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री भीम सिंह ने समीक्षा बैठक में स्वच्छता ऐप के संबंध में समीक्षा भी ली। उन्होंने कहा कि राजनांदगांव के नागरिकों ने इस ऐप को अपनाया भी है और इसमें साफ-सफाई की समस्याएँ अपलोड भी कर रहे हैं। इससे अपने शहर को लेकर उनका गहरा अनुराग स्पष्ट नजर आता है।

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