छत्तीसगढ़

कांग्रेस भवन में मनाई गई संजय गांधी की पुण्यतिथि व चन्द्रशेखर आज़ाद शहीद दिवस

मात्र 14 वर्ष की आयु में चन्द्रशेखर आज़ाद ने इस आंदोलन में भाग लिया

जगदलपुर : बस्तर जिला कांग्रेस कमेटी (शहर) ने कांग्रेस भवन में संजय गांधी की पुण्यतिथि व चन्द्रशेखर आज़ाद शहीद-दिवस गरिमामयपूर्वक मनाई गई सर्वप्रथम उनकी छायाचित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी और उनके जीवनी पर प्रकाश डालते जगदलपुर के सक्रिय विधायक रेखचन्द जैन और नगर निगम की महापौर सफीरा साहू ने कहा की संजय गांधी आपातकाल हो या नसबंदी कार्यक्रम इंदिरा जी के हर फैसले में संजय गांधी की अहम भूमिका होती थी विश्व इतिहास में कुछ ऐसी घटनाएं दर्ज है जिन्होंने कई बार हवाओं के रुख मोड़ दिए 23 जून 1980 की घटना भारत के इतिहास की एक ऐसी घटना थी जिसने देश की राजनीति में सारे समीकरण बदल डाले।

जैन ने कहा कि क्रांतिकारी चंदेशेखर आज़ाद का वास्तविक नाम चन्द्रशेखर सीताराम तिवारी था चन्द्रशेखर आज़ाद का प्रारम्भिक जीवन-यापन आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र भावरा गांव में व्यतीत हुआ भील बालकों के साथ रहते रहते आज़ाद बचपन से ही धनुषबाण चलाने में माहिर थे

जैन के बताया

जैन के बताया कि चन्द्रशेखर आज़ाद के माता पिता उन्हें संस्कृत का विद्वान बनाना चाहते थे इसलिए उन्हें काशी विद्यापीठ बनारस भेजा गया सन 1927 में जब गांधी जी द्वारा असहयोग आन्दोलन की शुरुआत की गई उस समय मात्र 14 वर्ष की आयु में चन्द्रशेखर आज़ाद ने इस आंदोलन में भाग लिया तथा परिणामस्वरूप उन्हें गिरफ्तार कर मजिस्ट्रेड के समक्ष उपस्थित किया गया जब उनसे परिचय पूछा गया तो उन्होंने अपना नाम आज़ाद और पिता का नाम स्वतन्त्रता बताया यही से चन्द्रशेखर सीताराम तिवारी का नाम चन्द्रशेखर आज़ाद पड़ गया आज़ाद को 15 दिनों के कठोर कारावास की सज़ा सुनाई गई।

कांग्रेस भवन के इस श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सतपाल लखनपाल, अनवर खान,कौशल नागवंशी,योगेश पाणिग्राही,संजू जैन,नरेंद्र तिवारी,पापिया गाईन, अवधेश झा,बटोही शर्मा,रतन् शर्मा आदि कांग्रेसजन उपस्थित थे।

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