छत्तीसगढ़

तीसरे दिन भी प्रभावित रही संजीवनी व महतारी की सेवा

भारत सिंह ठाकुर

बिलासपुर।

महतारी व संजीवनी कर्मचारियों की हड़ताल का तीसरे दिन भी असर देखने को मिला। बुधवार को भी मरीज 102 व 108 की सेवा लेने के लिए भटकते रहे। घंटों इंतजार के बाद मरीजों को निजी वाहन व एंबुलेंस का सहारा लेना पड़ा।

जिले में 17 संजीवनी एक्सप्रेस और 22 महतारी एक्सप्रेस में से आधे का ही संचालन हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग और जीवीके कंपनी व्यवस्था को पटरी में लाने में असफल हो गई है। वैकिल्पक व्यवस्था के तहत निजी वाहन चालक और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी लगाए गए हैं।

लेकिन जानकारी नहीं होने के कारण उन्हें कठिनाई हो रही है। इसी वजह से बुधवार को भी मरीजों को मशक्कत करनी पड़ी। आलम यह हो गया है कि सुबह फोन करने पर शाम को महतारी एक्सप्रेस पहुंची। इससे पहले ही प्रसूताओं को निजी वाहन से अस्पताल पहुंचा दिया गया। इसी तरह 108 की सेवा के लिए भी जुझना पड़ा।

-ये हैं मांगें-

-हर माह निश्चित तारीख पर दिया जाए वेतन।
-कर्मचारियों को जल्द मिले रिटेंडर का लाभ।
-योजना में ठेका प्रथा बंद कर शासन के अधीन संचालन हो।
-न्यूनतम वेतन मजदूरी दर के तहत वेतन भुगतान।

-शासन ने दिया अल्टीमेटल

इधर शासन हड़ताली कर्मचारियों के खिलाफ सख्ती करनी शुरू कर दी है। रायपुर में चल रहे धरना स्थल को तोड़ दिया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि वे काम पर नहीं लौटते हैं तो शासन को कड़े कदम उठाने पड़ेंगे।

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