Sanju Vs Soorma: रणबीर कपूर से आगे निकले दिलजीत दोसांझ

सूरमा से पहले इंडियन क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एम.एस.धोनी पर बायोपिक बन चुकी है।

संजय दत्त की बायोपिक के दो हफ्ते बाद इंडियन हॉकी प्लेयर संदीप सिंह की बायोपिक सूरमा रिलीज हो गई है। ऐसे में दोनों की तुलना होना लाजमी है। संजू बॉक्स ऑफिस में कमाई के मामले में तेजी से नए रिकॉर्ड बना रही हैं। वहीं, सूरमा को 1000 स्क्रीन पर रिलीज किया गया है।

संजू जहां किसी बॉलीवुड एक्टर की पहली बायोपिक है। वहीं, सूरमा से पहले इंडियन क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एम.एस.धोनी पर बायोपिक बन चुकी है।

एक्टिंग: रणबीर बनाम दिलजीत दोसांझ

संजू के लिए रणबीर कपूर की हर कोई तारीफ कर रहा है। संजय दत्त को पर्दे में उतारने के लिए रणबीर ने काफी मेहनत की है। वर्कआउट, फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन से लेकर संजय दत्त की चाल और बोलने के तरीके तक। रणबीर ने हर एक एंगल से संजय दत्त को खुद में ढाल दिया है।

दिलजीत दोसांझ की बात करें तो उन्होंने भी संदीप सिंह के रोल में ढलने के लिए काफी मेहनत की है। दिलजीत रोजाना 12 घंटे हॉकी खेलते थे। वहीं, उन्होंने स्ट्रिक्ट डाइट प्लान को फॉलो किया है। हालांकि, पर्दे पर रणबीर कभी-कभी संजय दत्त की मिमिक्री करते दिखे। वहीं, दिलजीत ने अपने नेचुरल एक्टिंग के जरिए संदीप सिंह के रोल को निभाया है।

पीआर बनाम सच्ची कहानी

संजू को लेकर राजू हिरानी की काफी आलोचना हो रही है। सोशल मीडिया पर राजू हिरानी पर आरोप लगाया जा रहा है कि संजू में संजय दत्त के अपराधों और गलतियों को चालाकी से छिपाया है। इसके अलावा संजू को संजय दत्त की छवि चमकाने का एक पीआर स्टंट भी कहा जा रहा है।

फिल्म में झूठे सीन्स भी दिखाए गए हैं। सूरमा की बात करें में संदीप सिंह की कहानी और उनके संघर्षों को बखूबी दिखाया है। इसमें उनकी गलतियों को भी दिखाया कि कैसे उन्होंने बचपन में हॉकी खेलना छोड़ दिया था। इसके अलावा मुश्किल की घड़ी में जब केवल उनका परिवार उनके साथ था। ऐसे में भी वह गर्लफ्रेंड के लिए अपने परिवार वालों से झगड़ गए थे।

प्रमोशन की बात करें तो इसमें सूरमा संजू से काफी पीछे रही। संजू की रिलीज से पहले डायरेक्टर राजकुमार हिरानी ने कई पोस्टर जारी किए थे। इसके अलावा फिल्म के टीजर और ट्रेलर को लेकर भी सोशल मीडिया पर काफी बज रहा था।

फिल्म का कोई भी वीडियो यूट्यूब के टॉप ट्रेंड की लिस्ट में रहा है।सूरमा संजू के मुकाबले प्रमोशन में काफी पीछे रही। सूरमा के डायरेक्टर शाद अली फिल्म को लेकर बज क्रिएट करने में नाकाम रहे। हालांकि, माना जा रहा है कि माउथ पब्लिसिटी का फिल्म की सफलता में अहम रोल है।<>

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