राष्ट्रीय

हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में अब दूसरी कक्षा से ही दी जाएगी छात्रों को संस्कृत की शिक्षा

डम्‍मी एडमिशन करने पर स्‍कूलों की संबद्धता कर दी जाएगी समाप्‍त

धर्मशाला:हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के कार्यालय में आज एक बैठक शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने की. प्रदेश की दूसरी राजभाषा संस्कृत अब स्कूलों में दूसरी क्लास से पढ़ाई जाएगी.

इसे लेकर एनसीआरटी की ओर से दूसरी से पांचवीं क्लास तक पाठ्यक्रम बना लिया गया है. इसे हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के निदेशक मंडल की बैठक में स्वीकृति दी गई है. संस्कृत विषय के दूसरी कक्षा से शुरू होने के बाद इसी भाषा में बच्चों में आपसी बाेलचाल शुरू किया जाएगा.

आयोजित शिक्षा बोर्ड बैठक में प्रदेश शिक्षामंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि आजकल बहुत से स्कूल डम्मी एडमिशन करते हैं और बच्चे बाहर जाते हैं. ऐसे कार्यों को रोकने के लिए शिक्षा बोर्ड सरविलेंस कमेटी बनाएगी.

कोई विद्यालय ऐसी गतिविधियों में संलिप्त पाया जाता है तो उसकी संबद्धता समाप्त कर दी जाएगी. इसके अतिरिक्त जहां पहले 40 बच्चों पर एक इनविजिलेटर लगाया था. लेकिन कमरे छोटे होने के कारण 40 बच्‍चे नहीं बैठ पाते थे. इसके मद्देनजर अब 25 बच्चों पर एक इनविजिलेटर रखा जाएगा.

पत्रकारों द्वारा पूछे गए 500 प्राइमरी स्कूलों में कमरों की कमी पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि इतनी कमी तो नहीं है, लेकिन जो थोड़ी बहुत कमी है, उस पर कार्य किया जा रहा है. जहां एक कमरा है, वहां दूसरा कमरा जोड़ने के लिए सरकार प्रयास कर रही है.

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