छत्तीसगढ़

सरपंच, सचिव और उपयंत्री ने मिलकर किया 80 लाख का घोटाला, जाने पूरा मांजरा…

रायगढ़/सारंगढ़। ग्राम पंचायत ऐसा जहां विकास के नाम पर करोड़ो का ऐसा घोटाला, जिसे आने वाले समय में इतिहास के रूप में देखा जाएगा। जहां महज एक साल में ही विभिन्न योजनाओं से एक करोड़ से अधिक कार्य को स्वीकृति मिल गई। वही बात करे केंद्र सरकार और राज्य सरकार की उस महत्वकांक्षी योजना स्वकच्छ भारत मिशन की तो यहां सरपंच और सचिव दोनो ने मिलकर योजना में सेंध लगाने के अलावा ओडीएफ के नाम शासन को लाखों का चूना लगाया है। यही नही इस भ्रष्ट पंचायत में लाखों की लागत से केवल कागज निर्माण कार्य हुए है। जिसकी निष्पक्ष जांच होने पर एक बड़े घोटाले का खुला खेल उजागर हो जाएगा ।

दरसल हम बात कर रहे है सारंगढ विकास खंड के ग्राम पंचायत भांठा गाँव की जहां स्वकच्छ भारत मिशन के अलावा शासन की अनगिनत महत्वकांक्षी योजना के अंतर्गत करोड़ो की लागत से मिली पंचायत के विकास कार्यो को लेकर स्वीकृति पर सरपंच और सचिव दोनो ने मिलकर अपनी जेबे भरने का काम किये है। जहां स्वकच्छ भारत मिशन के तहत काराये गए शौचालय निर्माण कार्यो में फर्जी जिओ टेकिंग कराकर लाखों रुपये आहरण कर लिए गए। वही राज्य सभा सांसद मद,सांसद अनाबद्ध योजना,आदिवासी विकास प्राधिकरण जैसे कई मदो से स्वीकृति निर्माण कार्यो में भ्रष्टाचार का खुला खेल सरपंच और सचिव द्वारा खेला गया और लगभग 80 लाख रुपयो का बंदरबांट कर लिया गया है।

इस पंचायत में विकास कार्य पांच सालों में बहुत हुए है लेकिन अभी भी बहुत विकास कार्य बाकी है। बहुत से विकास केवल ग्राम पंचायत के कागजो पर ही होते रहे है। जिस पर 6 ऐसे सीसी रोड जिसकी लागत मूल्य 60 लाख से अधिक है महज लीपापोती और शासन को गुमराह कर कागजी कार्रवाई में दरसा दिया गया है। यहां हुए नवीन ग्राम पंचायत निर्माण कार्य के टाइल्स रंग रोगन और अन्य कार्यो के लिए लाखों रुपये बगैर काम हुए निकाल आहरण कर लिया गया, साथ नवीन ग्राम पंचायत के समीप पार्क के नाम से स्वीकृति 20 लाख रुपये में से 8 लाख रुपाए कार्य प्रारंभ करने के नाम पर अग्रिम राशी निकाल ली गई।

लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी आज प्रयत्न तक कार्य प्रारंभ नही हो सका है। ऐसे कई निर्माण कार्य अधूरे है जिनकी अग्रिम राशि एक साल पूर्व आहरण कर लिया गया बावजूद एक भी कार्य आज तलक प्रारम्भ नही हुआ है। जिसने पुलिया ,सीसी रोड ,स्कलू बाउंड्री वाल, जैसे विकास कार्य शामिल है जिनकी लागत मूल्य लगभग 50 लाख से अधिक है। यही नही पूर्व में ग्रामीणों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन से पंचायत के विकास कार्यो को अवरुद्ध कर रहे सरपंच और सचिव के विरुद्ध शिकायत की थी जिस पर सालों बीतने के बाद भी आज प्रयन्त तक कार्रवाई नही हो सका। जिला प्रशासन और यहां की स्थानीय प्रशासन की उदासीनता से एक साल में यहां एक करोड़ से अधिक निर्माण कार्य मे सरपंच ने भ्रष्ट कृत्य को अंजाम दे दिया।

यही नही सरपंच और सचिव ने अपने पद का दुरप्रयोग करते हुए 2 लाख रुपये का चेक पंचायत प्रस्ताव कर एक व्यवसायी को दे दिया जबकि पंचायत के खाते में बैलेंस शून्य था ।जिससे सरपंच ने नवीन ग्रामपंचायत भवन के लिए टाइल्स ,रंग रोगन और कई जरूरतों के सामान उधारी में क्रय किये थे ।

बहरहाल ग्राम पंचायत भाठागांव की निष्पक्षता से जांच होने पर पूरे मामले पर भ्रष्ट सरपंच और सचिव के भ्रष्टाचार के खुले खेल का उजागर हो जाएगा ।

अब आते हैं विभाग के उपयंत्री पर,सब खेला लीला इन्ही के सानिध्य में हुआ है। इस पंचायत में किये गए भ्रष्टाचार में उपयंत्री का भी अहम योगदान है उपयंत्री के द्वारा यहां हुए सभी कागजी निर्माण और अधूरे कामो को पूर्ण करने और गुणवत्ता सर्टिफिकेट देने का अपने आप मे निजी स्वार्थ को प्रदर्शित कर रहा है।

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