छत्तीसगढ़

प्रशासनिक आदेशो को ताक में रखकर बिना अनुमति के शासकीय गेस्ट हाउस टमटोरा में हुआ सरपंच संघ का चुनाव

सैकड़ो सरपंचो का लगा जमावड़ा, मीडिया और सोशल मीडिया पर शेयर की सरपंच संघ ने तस्वीरे

हिमालय मुखर्जी ब्यूरो चीफ रायगढ़

सरपंच संघ चुनाव की बैठक में वनभोज के साथ और भी बहुत कुछ,आखिर किन अधिकारियों की सहमति से शासकीय रेस्ट हाउस पर आयोजित हुआ बैठक ??

रायगढ़ नगरीय निकायों मे एक हफ्ते का लॉकडाउन भले खत्म हो गया मगर संक्रमण का खतरा अभी टला नहीं है। संक्रमण को ध्यान में रखते हुए लॉकडाउन खोला तो गया है मगर कई कड़े नियमों दिशानिर्देशों के साथ। इस लॉकडाउन में कई नियम बनाए गए हैं। ताकि भीड़ इकट्ठा ना हो सके जैसे कि चार व्यक्ति से अधिक एक जगह इकट्ठा नही होना है मास्क पहनकर ही बाहर निकलना, फिजिकल डिस्टेंस का पालन करना, शादियों में अधिकतम 50 व्यक्तियों को ही शामिल हो सकते हैं मृत्यु होने के पश्चात अंतिम यात्रा में भी अधिकतम 20 लोगों की अनुमति है। उसके लिए भी आपको संबंधित अधिकारी से अनुमति लेनी होगी। तथा चार व्यक्ति से अधिक ज्ञापन देने के लिए ना आने सम्बंधित आदेश जारी किये गये हैं।

● जागरूक ग्रामीणों ने दी मीडिया को सूचना, उच्चाधिकारियों को अवगत कराने पर भी नहीं हो सकी कोई कार्यवाही,जाने क्या है पूरा मामला

जिले के सारंगढ़ ब्लाक मे लगभग सौ से अधिक ग्राम पंचायतों के सरपंचों ने नियमों की धज्जियां उड़ाते हुये बिना अनुमति के ही टमटोरा जंगल के शासकीय रेस्ट हाउस में कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमे सरपंच संघ के अध्यक्ष पद के साथ ही अन्य कार्यकारिणी समिति का ना सिर्फ गठन किया गया अपितु मिडिया मे तस्वीरें भी शेयर कर नव पदस्थ अध्यक्ष की घोषणा भी कर दी गई है। मगर रेस्ट हाऊस मे अवैधानिक रूप से हो रहे बैठक की जानकारी जिला प्रशासन को देने के बावजूद कोई कार्यवाही नहीं की गई है

शासकीय भवन गेस्ट हाउस

सारंगढ जनपद पंचायत क्षेत्र के कुछ जागरूक ग्रामीणों ने नाम ना छापने की शर्त पर मीडिया को बिना अनुमति लिए सरपंच संघ चुनाव के बैठक होने की जानकारी दी तो एकबारगी यह सुनकर हैरानी हुई की आखिर कैसे इतनी प्रशासन की सख्ती के बावजूद जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रशासन से बिना अनुमति के शासकीय भवन गेस्ट हाउस पर सैकड़ों लोगों का जमावड़ा किया गया। खैर हम आपको आगे बताते हैं जागरूक ग्रामीणों द्वारा सुबह 10:00 बजे के आसपास सरपंच संग के व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज आया जिसे जागरूक ग्रामीणो ने स्क्रीनसॉट भेजी गई मामले की गम्भीरता को देखते हुये हमने जिला कलेक्टर को सुबह 11बजे से पहले व्हाट्सएप सुचित किया गया।

मगर कोई रिप्लाई नही आई जिसमे हमने स्क्रीनसॉट के साथ बैठक के लिये बिछाये जाने वाली दरी की तस्वीरें भेजी थी जिसे उन्होने देखा भी मगर कोई रिप्लाई नही दी दोपहर 1 बजे तक लगभग सरपंच बैठक स्थल पहुच चुके थे रेस्ट हाउस के आसपास पचासो मोटरसाइकिल व आधा दर्जन से अधिक चार पहिया वाहनों के साथ बैठक की वीडियो ग्रामीणो द्वारा फिर हमे भेजी गयी हमने भी सारी वीडियो क्लिप्स फिर से जिला कलेक्टर को भेजी फिर भी कोई रिप्लाई नही आने पर हमारे द्वारा जिला कलेक्टर को कई बार फोन लगाया गया किन्तु शायद व्यस्त होने के कारण उन्होने फोन रिसीव नहीं किया

व्हाट्सएप कॉल

मगर कुछ ही देर बाद जिला कलेक्टर सर का व्हाट्सएप कॉल ठीक उसी समय आया जब हमने बैठक की सूचना देने के लिए हमने तहसीलदार से बात हो रही थी जिस कारण कलेक्टर महोदय जी का कॉल मिस हो हमने तहसीलदार से बात होने के तत्काल बाद जिला कलेक्टर को कॉल किया फोन उठाने पर उन्होने सम्पर्क करने का कारण पुछा तो हमने बिना अनुमति शासकीय रेस्ट हाउस पर चल रहे सरपंच संघ के चुनाव हेतु आयोजित बैठक के सम्बंध में पूरी जानकारी देते हुये बताया की सौ से अधिक सरपंच बैठक मे शामिल हुये है।

जिसकी वीडियो भी आपको भेजी है पूरी जानकारी लेने के बाद उनके द्वारा कहा गया मामला सारंगढ का है तो क्या आपने sdm को पहले सुचित किया है पहले आप सुचित करो अगर वह कार्यवाही नही करते है तो मुझे अवगत कराना सभी पत्रकार सिधे मुझे फोन करते है व्यस्त रहने के कारण सभी से बात नही हो पाती आपको पहले सम्बंधित अनुविभागीय अधिकारी को अवगत कराना चाहिये येसा कहते हुये उन्होने सारंगढ SDM अनुविभाग के अधिकारी का सम्पर्क नं भी दिया और सुचित करने को कहा गया।

● क्या कहते है तहसीलदार सारंगढ

सरपंच संघ द्वारा की गई बैठक के अनुमति व कार्यवाही के सम्बंध में सारंगढ तहसीलदार सतरंज से चर्चा करने पर उन्होने बताया कि बैठक के लिये किसी प्रकार की अनुमति नही दी गई है। तथा कार्यवाही के सम्बन्ध मे थाना प्रभारी को सुचित करने को कहा गया ।

● क्या कहते है SDM अनुविभागीय अधिकारी सारंगढ

जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार हमने SDM को लगभग दोपहर 2 बजे के आसपास सम्पर्क किया फोन उठाने पर उनको रेस्ट हाउस मे चल रहे सरपंच संघ चुनाव को लेकर हो रही बैठक के सम्बंध मे अवगत कराया गया और सरपंच संघ के बैठाक हेतु अनुमति के सम्बंध मे पूछने पर अनुविभागीय अधिकारी ने बताया कि बैठक को लेकर अनुविभाग सारंगढ मे सरपंच संघ द्वारा ना तो कोई आवेदन किया है और ना ही कोई अनुमति दी गई है।

फिर हमने बिना अनुमति हो रहे बैठक को लेकर कार्यवाही के सम्बंध मे पूछने पर कहा गया आप थाना प्रभारी को सूचना दे दिजीये वही कार्यवाही करेंगे कहते हुये अपना पल्ला झाड़ कर फोन काट दिया गया। जबकि फोन पर उन्हे जिला कलेक्टर के निर्देशानुसार कार्यवाही के लिए सम्पर्क करने के सम्बंध मे भी बताया गया। मगर सब कुछ जानकर भी एक जिम्मेदार अधिकारी होकर उनका यह जवाब कही मौन स्वीकृति तो नही??

● क्या कहते हैं जिला कलेक्टर रायगढ

सारंगढ के टमटोरा जंगल में शासकीय रेस्ट हाउस पर बिना अनुमति के सरपंच संघ चुनाव के लिए किये गये बैठाक की जानकारी सारंगढ sdm को देने के बाद भी कोई कार्यवाही ना होने पर पन: हमने जिला कलेक्टर अवगत कराया तब तक सायं हो चुकी थी उन्होने टी एल मिटिंग मे व्यस्त रहने की बात कही और बैठक की विस्तृत जानकारी लेकर फोटो एवं वीडियो के आधार पर पुरे मामले की जाँच पड़ताल कर दोषी पाये जाने पर सख्त कार्यवाही करने का आस्वासन दिया गया है।

चुकी हमारे द्वारा समय रहते जिला कलेक्टर को रेस्ट हाउस मे सुबह से साम तक होने वाले बैठक की जानकारी बैठक के पुर्व ही लगभग 11बजे आसपास दे दी गयी थी तथा एक बजे आसपास फिर से फोन कर सुचित किया तथा बात होने के बाद कलेक्टर सर के निर्देशानुसार सारंगढ SDM को कई बार प्रयास करने पर बात हो पायी लगभग दोपहर 3 बजे sdm सारंगढ को सूचना देने के साथ बैठक की वीडियो भी भेजा गया था। इसी बिच जिला कलेक्टर से बात होने के पुर्व सारंगढ के तहसीलदार को भी रेस्ट हाउस मे चल रहे अवैधानिक बैठक की जानकारी दी थी उन्होने भी बैठक की अनुमति से इंकार करते हुए थाना प्रभारी को कार्यवाही हेतु सुचित करने कहा गया।

अगर उच्चाअधिकारी चाहते तो समय रहते मौके पर छापामार कार्यवाही कर सकते थे किन्तु अधिकारियो ने सत्ता पक्ष के जनप्रतिनिधियों पर हाथ न डाल कर पुलिश को सुचित करने को कहते हुये अपना पल्ला झाड़ते नजर आये । जबकि पुलिश को अधिकारी भी सुचित कर कार्यवाही के लिए आदेशित कर सकते थे।तथा उच्चाधिकारीयो के आदेश पर पुलिश को भी कार्यवाही करनी पड़ती मगर इतना सब जानकर भी किसी अधिकारी द्वारा बिना अनुमति के हो रही बैठक पर हस्तक्षेप कर कार्यवाही करने की हिमाकत नही की गयी।

● आखिर किन अधिकारियो की सह पर बिना अनुमति के शासकीय रेस्ट हाउस मे सरपंच संघ चुनाव की बैठक हुई आयोजित ??

ऐसा नहीं है कि शासकीय रेस्ट हाउस मे हो रहे अवैधानिक बैठक की शिकायत लोगों ने नहीं की। जागरूक ग्रामीणो से मिली जानकारी की शिकायत जिले के उच्च अधिकारियों तक मिडिया द्वारा की गई । लेकिन सब ने पल्ला झाड़ लिया। हो सकता है, इसके पीछे एक बड़ी राजनीतिक वजह हो। क्योंकि ज्यादातर सत्ता पक्ष से ही संबंधित सरपंच यहां इकट्ठे हुए थे और एक अधिकारी वह भी सत्ता पक्ष की भीड़ से कैसे पंगा मोल ले ले? इन सारी बातों से मन में कई सवाल खड़े हो रहे हैं।

शासकीय रेस्ट हाउस मे सरपंच संघ

आखिर किन अधिकारियो की सह पर बिना अनुमति के शासकीय रेस्ट हाउस मे सरपंच संघ के चुनाव की बैठक आयोजित की गई?? आखिर क्या कारण है कि मिडिया पक्ष द्वारा शिकायत करने के बावजूद जिला कलेक्टर ने सारंगढ sdm को तो sdm ने थाना प्रभारी को तथा तहसीलदार द्वारा भी पुलिस को कार्यवाही हेतु सूचित करने को कहते हुये अपना पल्ला झाड़ने लगे?? जबकि उच्चाधिकारी के एक आदेश पर अधीनस्थ अधिकारी तात्काल कार्यवाही करते।

हालाकि सारंगढ SDM द्वारा कार्यवाही ना हो पाने पर देर साम जिला कलेक्टर को सूचित करने पर बताया गया कि आज टी एल मिटिंग मे व्यस्त था। पुरे मामले की जाँच पड़ताल कर कार्यवाही करने का आस्वासन दिया है। तो क्या अब तो इन सारे सवालो का जवाब जाँच के बाद मिल पायेगा??या फिर जाँच के नाम पर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।

● सरपंच ग्रुप का स्क्रीनसॉट एवं सरपंच संघ चुनाव के बैठक की वायरल तस्वीरें सोसल मिडिया व मिडिया में बनी शुर्खिया,,,

ऊपर वायरल स्क्रीनशॉट को देखकर आप समझ ही गए होंगे कि सारंगढ़ क्षेत्र में एक नए यूनियन का निर्माण होने जा रहा है। यहां के आसपास के गांव के पंच-सरपंच मिलकर एक नए यूनियन का निर्माण कर रहे है। नियम कायदे कानून को ताक में रखकर डंके की चोट पर शासकीय गेस्ट हाउस टेमटेरा के जंगल मे कल एक बड़ी सभा का आयोजन हुआ। बताने वाले तो यह भी कहते हैं कि वहां पार्टी का तगड़ा इंतजाम भी था। जिसमें सारी सुविधाएं प्राप्त थी, जो एक वन भोज में होती हैं।

सोशल मीडिया एवं मीडिया पर बैठक

वहीं चुनाव के नतीजों के साथ सरपंच संघ के लोगों द्वारा सोशल मीडिया एवं मीडिया पर बैठक की तस्वीरें भी शेयर की जो कि सुर्खियों मे है तथा सरपंच संघ के नये अध्यक्ष की घोषणा करते हुए कुछ न्यूज़ पोर्टल में खबरें भी प्रकाशित हुई हैं। जिससे प्रमाणित होता है सरपंच संघ द्वारा बिना अनुमति के उक्त बैठक आयोजित किया गया है।

बहरहाल सरपंच संघ के द्वारा शासकीय रेस्ट हाउस पर बिना अनुमति सुबह से साम तक चुनाव के लिए सैकड़ो लोगो का जमावड़ा लगा रहा जहां जनप्रतिधीयो द्वारा प्रसासनिक आदेशो की धज्जियां उड़ाया गया मगर विडम्बना यह है कि जिला प्रसासन के उच्चाधिकारीयो को सत्तपक्ष का खौफ समझे या मौन सहमती बैठक की पूरी जानकारी होने के बावजूद भी कोई कार्यवाही न कर मुकदर्शक बनकर सारा तमाश देखती रही। उक्त मामलो मे प्रसासन के सभी दिशा-निर्देश, नियम, कानून, कायदे सत्ता पक्ष के जनप्रतिधीयो के आगे बौनी नजर आयी।

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