स्वरूपानंद सरस्वती का सन्यास दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया

बोरियाकला में स्थित जगद्गुरु शंकराचार्य आश्रम एवं भगवती राजराजेश्वरी मंदिर प्रांगण में द्विपीठ के पीठाधीश्वर परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का 67 वां सन्यास दिवस बड़े उत्साह के साथ भक्तों ने मिलकर मनाया

स्वरूपानंद सरस्वती का सन्यास दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया

रायपुर: बोरियाकला में स्थित जगद्गुरु शंकराचार्य आश्रम एवं भगवती राजराजेश्वरी मंदिर प्रांगण में द्विपीठ के पीठाधीश्वर परम पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती का 67 वां सन्यास दिवस बड़े उत्साह के साथ भक्तों ने मिलकर मनाया।

इस उपलक्ष्य पर आश्रम प्रमुख ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद ने प्रातः गणेश पाठ किया तत्पश्चात भगवती राजराजेश्वरी को सहस्रनाम से अर्चन किया गया जिसमें प्रमुख रूप से योग आयोग के अध्यक्ष संजय अग्रवाल, एम.एल.पांडेय, कुसुम सिंघानिया, एल.पी.वर्मा, ज्योति नायर, नरसिंह चंद्राकर, डॉ शंकर पुष्पकार, आचार्य धर्मेन्द्र, आचार्य महेंद्र तिवारी, रत्नेश शुक्ल, शैलू नंदा, सोनू चंद्राकर उपस्थित हुए और सभी ने मिलकर भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक कर महाआरती किये और पूज्य शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के दीर्घ आयु की कामना किये।

ब्रह्मचारी डॉ इंदुभवानंद ने आज के विशेष तिथि में कन्या पूजन व कन्या भोज भी करवाये तथा उपस्थित सभी भक्तों ने आशीर्वाद प्राप्त किया। शंकराचार्य आश्रम के कार्यरत सदस्य व प्रवक्ता पं सुदीप्तो चटर्जी ” रिद्धीपद ” ने उपरोक्त जानकारी प्रदान किये और कहा कि पूज्य शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती समूचे भारत मे सबसे वरिष्ठ सन्यासी हैं जो 94 वर्ष की आयु में दो पीठों के साथ साथ सनातन धर्म की शिक्षा दे रहे हैं और उनकी रक्षा हेतु अन्य राज्यों का भ्रमण भी करते हैं तथा वेद वेदांग संस्कृत विद्यालय का संचालन अपने सभी आश्रमों में करते हैं।

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