टेक्नोलॉजी

बिलासपुर के सात्विक ने चाइनीज ऐप अनइंस्टॉल करने ‘वी-सपोर्ट’ एप बनाया

भारत सरकार ने 59 चाईना मोबाईल एप पर रोक लगाने का निर्णय लिया

बिलासपुर: बिलासपुर के सात्विक ने चाईनीज एप अनईन्स्टॉल करने ‘ वी – सपोर्ट एप बनाया हाल ही में भारत सरकार ने 59 चाईना मोबाईल एप पर रोक लगाने का निर्णय लिया, सरकार के उक्त निर्णय को ध्यान में रखकर न्यायधानी बिलासपुर के बेटे सात्विक सम्यान ने अपने तीन दोस्तों के साथ मिलकर एक ऐसा एप बनाया जिससे मोबाईल पर पहले से मौजूद सभी चाईनीज एप एक ही क्लिक पर न्यूनतम समय में अनईन्स्टॉल किया जा सके।

सात्विक सम्यान जो कि एसईसीएल मुख्यालय बिलासपुर में मुख्य प्रबंधक ( खनन ) पद पर कार्यरत संजीव कुमार के पुत्र एवं एसईसीएल वसंत विहार बिलासपुर में निवासरत हैं ने अपने तीन अन्य साथियों सोनीपत हरियाणा के ईशांत चावला, चेन्नई के प्रसन्ना व्यंकटेश, चुरू राजस्थान के युवराज शेखावत के साथ मिलकर वी-सपोर्ट एप बनाया है। ख़ास बात यह है कि चारों ही दोस्त कॉलेज प्रोजेक्ट के तहत ऐप बनाना सीख रहे थे। लॉकडाउन के कारण पिछले करीब साढ़े तीन-चार महीने से गृह निवास में निवासरत रहते सरकार के चाईनीज एप पर रोक लगाने के तीन दिन के भीतर इस ऐप का निर्माण किया।

सात्विक सम्यान ने बताया कि जैसे ही उपभोक्ता वी-सपोर्ट एप खोलेगा, तो फोन में मौजूद चाईनीज ऐप्स की संख्या आ जाएगी। ऊपर एक हरे रंग का बॉक्स दिखेगा जिस पर क्लिक करते ही एक साथ बैन 59 चाईनीज ऐप्स ( अगर सभी फोन में मौजूद हैं ) स्थायी रूप से डिलिट हो जाएंगे।

70 इंडियन ऐप्स

इसके बाद अल्टरनेटिव ऐप्स के ऑप्शन पर क्लिक करते ही बोल्ड अक्षरों में 70 इंडियन ऐप्स व गूगल के ऐप्स मिलाकर 108 ऐप्स दिखेंगे, जिस पर आप मनपसंद ऐप्स पर क्लिक कर ईन्स्टाल कर सकते हैं।

वाल पेपर पर क्लिक करने पर राष्ट्र ध्वज तिरंगा और उस पर लिखा संदेश आ जाता है जो कि संकेतात्मक रूप से भारतीयता एवं आत्मनिर्भरता को परिलक्षित करता है। यह एप  https://codehard2k20.blogspot.com/p/v-support.html पर जाकर डाउनलोड किया जा सकता है। सात्विक सम्यान की इस उपलब्धि पर एसईसीएल परिवार के साथ – साथ, न्यायधानी बिलासपुर भी गौरवान्वित महसूस कर रहा है। युवा पीढ़ी की यह स्वदेशी मुहिम निश्चित ही देश को इन्फार्मेशन टेक्नॉलॉजी के क्षेत्र में शीर्ष पर ले जाएगा।

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button