अंतर्राष्ट्रीय

राजकुमार को अगवा कर महल में ही रखा क़ैद, गद्दी पर दावा छोड़ने को किया मजबूर

सऊदी अरब के अगले बादशाह बनने वाले मोहम्मद बिन नएफ ने बताया है कि जून में उन्हें एक रात मक्का स्थित एक महल में बुलाया गया और उनकी मर्जी के खिलाफ उन्हें रोके रखा गया। उन पर कई घंटों तक देश की सत्ता पर अपना दावा छोड़ने का दबाव बनाया गया। नएफ के अनुसार उस रात भोर तक उन्होंने हार मान ली और अगली सुबह सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस (अगला बादशाह) के रूप में 31 वर्षीय मोहम्मद बिन सलमान के नाम की घोषणा हो गई। मोहम्मद बिन सलमान सऊदी के मौजूदा बादशाह किंग सलमान के बेटे हैं।

न्यूयॉर्क टाइम्स में छपी बेन हुब्बार्ड, मार्क मैजेजी और एरिक स्मिट की रिपोर्ट के अनुसार सऊदी के बाकी वरिष्ठ राजकुमारों को कहा गया है कि 57 वर्षीय प्रिंस नएफ उत्तराधिकारी बनने के काबिल नहीं हैं और उन्हें नशे की लत है। सऊदी के मौजूदा बादशाह किंग सलमान ने 21 जून को अपने बेटे मोहम्मद बिन सलमान को अपना उत्तराधिकारी घोषत किया था। मीडिया में सलमान के बेटे की ताजपोशी को बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया गया।

सऊदी राजघराने से जुड़े कई शाही लोगों ने नाम न देने की शर्त पर न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि प्रिंस नएफ के भतीजे ने उन्हें किस तरह अपनी दावेदारी छोड़ने के लिए मजबूर किया। 20 जून की रात को मक्का के सफा पैलेस में कई वरिष्ठ सऊदी राजकुमार और सुरक्षा अधिकारी इकट्ठा हुए। अमेरिकी अधिकारियों और सऊदी शाही परिवार के लोगों के अनुसार सभी लोगों से कहा गया कि किंग सलमान उनसे मिलना चाहते हैं।

सफा पैलेस पहुंचने पर प्रिंस नएफ से कहा गया कि किंग सलमान उनसे मिलना चाहते हैं और उन्हें अलग कमरे में ले जाया गया।

उस कमरे में जाने पर शाही अधिकारियों ने प्रिंस नएफ से उनका फोन ले लिया। उन पर क्राउन प्रिंस और गृह मंत्री पद छोड़ने के लिए दबाव बनाया गया। प्रिंस नएफ ने पहले उनकी बात मानने से इनकार कर दिया। लेकिन रात बीतने के साथ ही उनका सब्र जवाब देने लगा। प्रिंस नएफ मधुमेह (डॉयबिटीज) की बीमारी से पीड़ित हैं। साल 2009 में उन पर जानलेवा हमला भी हो चुका है। शाही परिवार के कुछ लोगों के अनुसार जानलेवा हमले के बाद से उन्हें दर्ज की गोलियां खाने की भी आदत पड़ गई थी।

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