एसबीआई ने 220​ डिफॉल्टर्स के 76,000 करोड़ रुपये के बुरे कर्ज को किया ‘राइट ऑफ’

हर एक डिफॉल्टर्स पर करीब 100 करोड़ रुपये का कर्ज

नई दिल्ली: भारतीय स्टेट बैंक(एसबीआई) ने 220​ डिफॉल्टर्स के 100 करोड़ रुपये से लेकर 500 करोड़ रुपये के बुरे कर्ज को बट्टे खाते (राइट ऑफ) में डाल दिया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, सभी कॉमर्शियल बैंकों द्वारा 100 करोड़ रुपये व उससे अधिक के बुरे कर्ज का कुल 2.75 लाख करोड़ रुपये बट्टे में डाला गया है.

हालिया जानकारी से पता चलता है कि 500 करोड़ रुपये व उससे अधिक दिए गए लोन के कुल 67,600 करोड़ रुपये को फंसे कर्ज के तौर पर घोषित किया गया है. आरबीआई ने 980 लेनदारों की पहचान की है,

जिन्होंने 100 करोड़ रुपये व उससे अधिक कर्ज लिया है और बैंकों ने इन्हे बट्टे खाते में डाल दिया है. इसमें से 220 खाते एसबीआई में हैं. इस तरह के हर एक खाते में औसतन 348 करोड़ रुपये माफ किया गया है.

डिफॉल्टर खातों के मामले में PNB दूसरे स्थान पर

500 करोड़ रुपये से अधिक के लोन वाले 71 खातों में 33-44 फीसदी खाते SBI के हैं. इसी प्रकार, पंजाब नेशनल बैंक ने भी 100 करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज लेने वाले 94 खाताधारकों का कर्ज माफ किया है.

पीएनबी के लिए कुल रकम 27,024 करोड़ रुपये है. औसतन हर एक खाते का 287 करोड़ रुपये माफ किया गया है. पीएनबी ने 500 करोड़ रुपये से अधिक कर्ज लेने वाले 12 सबसे बड़े डिफॉल्टर्स का 9,037 करोड़ रुपये माफ कर दिया है.

प्राइवेट बैंकों की लिस्ट में आईडीबीआई में सबसे अधिक डिफॉल्ट

पब्लिक सेक्टर बैंकों में एसबीआई और पीएनबी ने इस लिस्ट में टॉप किया है तो वहीं प्राइवेट बैंकों में आईडीबीआई शीर्ष पर रहा. 100 करोड़ रुपये व उससे अधिक के कर्ज को राइट ऑफ करने वाले बैंकों में आईडीबीआई तीसरा सबसे बड़ा कॉमर्शियल बैंक रहा.

आईडीबीआई बैंक में 100 करोड़ रुपये से अधिक कर्ज लेने वाले 71 लेनदार रहे, जिन्होंने कुल 26,219 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है. केनरा बैंक में भी 100 करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज लेने वाले लेनदारों की संख्या 63 रही. केनरा बैंक में 500 करोड़ रुपये से अधिक के कर्ज लेने वाले लेनदरों की संख्या 7 है. इन्होंने कुल 27,382 करोड़ रुपये का कर्ज लिया है.

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