बाबा रामदेव पर लिखी गईं किताब पर SC का आदेश सितंबर तक मामले का निपटारा करे HC

बाबा रामदेव के जीवन पर लिखी गई किताब “गॉडमैन टु टाइकून: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ बाबा रामदेव” के बेचने और छापने पर रोक के खिलाफ जगरनॉट बुक्स पब्लिकेशन की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट से मामले का निपटारा करने को कहा है. सीजेआई दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली हाईकोर्ट से सितंबर के अंत तक मामले का निपटारा करने को कहा है.

दरअसल, बाबा रामदेव की तरफ से इस किताब में कई तरह की आपत्तियां दर्ज करवाई गईं थीं. किताब में कथित तौर पर बाबा के बारे में आपत्तिजनक बातें लिखने का आरोप है.दिल्ली हाईकोर्ट ने निचली अदालत के उस फैसले को पलट दिया था जिसमें किताब पर लगी रोक हटाई गई थी. शिकायत में बाबा रामदेव ने बताया था कि ‘गॉडमैन टू टायकून’ नाम की इस किताब की विषय वस्तु कथित तौर पर उनके जीवन पर आधारित है, लेकिन इसकी विषय वस्तु अपमानजनक है.

रामदेव की छवि बिगाड़ने की कोशिश करने का आरोप

बाबा रामदेव का आरोप है कि इस पुस्तक के माध्यम से उनकी छवि को बिगाड़ने की कोशिश की गई है और कई तथ्यों को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है और किताब को सनसनीखेज बनाने और किताब की बिक्री को बढ़ाने के लिए ऐसा किया गया है. बाबा रामदेव के देश और विदेश में करोड़ों फॉलोअर्स हैं, लिहाजा इस किताब में अगर कुछ ऐसा है जो बाबा रामदेव या उनके फॉलोअर्स की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है तो किताब के बाजार में आने से कई और विवादों पैदा हो सकते हैं.

जानिए क्या है पूरा मामला

बाबा रामदेव के जीवन पर पत्रकार प्रियंका पाठक नारायण ने किताब लिखी थी. गॉडमैन टू टायकून नामक किताब को अगस्त 2017 में जगरनॉट बुक प्रकाशन ने प्रकाशित की थी, जो योगगुरु रामदेव के जीवन पर आधारित थी.

एडिशनल सिविल जज ने किताब के प्रकाशन पर रोक लगाई थी और इस पर एएससीजे ने किताब के प्रकाशन व बिक्री पर प्रतिबंध को हटा दिया था.लेकिन बाद में मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा और हाईकोर्ट ने किताब “गॉडमैन टु टाइकून: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ बाबा रामदेव” के बेचने और छापने पर रोक लगा दी थी.

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