इसी सत्र में पास कराएंगे एससी-एसटी एक्‍ट – राजनाथ

कांग्रेस के नहले पर भाजपा का दहला

नई दिल्ली : एससी-एसटी समुदाय के लोगों का कौन सबसे बड़ा हितैषी के मुद्दे आज लोकसभा में एक सुखद संयोग देखने को मिला। हालांकि कांग्रेस ने एससी-एसटी विधेयक को मॉनसून सत्र में पेश करने की जोरदार मांग की और सरकार पर इसे पेश करने से बचने का आरोप लगाया, लेकिन इसी ताक में बैठे मोदी सरकार के गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने खड़गे के बात के तत्काल लपक लिया। उन्होंने कांग्रेस की मांग का करते हुए कहा कि आप घबराइए नहीं हमारी सरकार इसी सत्र में एससी-एसटी एक्ट पेश कराएगी और उसे पास कराने का भी काम करेगी। गृहमंत्री के इस जवाब से लोकसभा में विपक्ष के नेता खड़के निरुत्तर हो गए और उन्होंने कहा कि हमें भी इसी बात का इंतजार था।

सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस : आज लोकसभा में एससी-एसटी ऐक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर सत्ता और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। कांग्रेस ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार ने तमाम अध्यादेश पास कराए लेकिन दलितों और आदिवासियों के हित और उनकी रक्षा करने वाले एक्ट की मजबूती पर अध्यादेश नहीं लाने में सरकार आनाकानी में लगी है। खड़गे ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से सफाई देने की मांग की। उन्होंने कहा कि इस तबके पर देश में हर 15 मिनट पर अत्याचार होता है। इस पर तत्काल अध्यादेश लाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हम सरकार से मांग करते हैं कि इस पर शुक्रवार को अध्यादेश लाया जाए। हम सर्वसम्मति से इसे पास कराएंगे।

मौजूदा संसद सत्र में ही पास कराए जाने की तैयारी : खड़गे के इस मांग का जवाब देते हुए मोदी सरकार की तरफ से गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि खड़गे ने जो सवाल खड़ा किया है उससे उससे साफ है कि उन्हें इस बात की जानकारी मिल चुकी है कि मोदी कैबिनेट ने इस बिल को अप्रूव कर दिया है। राजनाथ सिंह ने कहा कि एससी-एसटी ऐक्ट पर शीर्ष अदालत के फैसले से इस प्रकार का संदेश गया था कि एक्ट कमजोर हुआ। तब पीएम मोदी ने वादा किया था कि इसे कमजोर नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद तत्काल बाद पीएम ने कहा था कि जरूरत पड़ी तो इससे भी कड़ा बिल लाएंगे। उन्होंने खड़गे के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि इस बिल को इसी सत्र में पास कराया जाएगा। केंद्रीय मंत्रिपरिषद ने बुधवार को एससी-एसटी ऐक्ट के मूल प्रावधानों को बहाल करने संबंधी विधेयक के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसे मौजूदा संसद सत्र में ही पास कराए जाने की भी तैयारी है।

रामविलास ने दी थी धमकी : मोदी सरकार में कैबिनेट मंत्री रामविलास पासवान ने तो एससी-एसटी एक्ट पर अध्यादेश न लाने पर सरकार के खिलाफ आंदोलन की धमकी तक दे डाली थी। इस मसले पर केंद्र सरकार के खिलाफ दलित संगठनों ने भारत बंद का आयोजन किया था। दो अप्रैल को भारत बंद के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा हुई थीं। इस बात को भाजपा के कुछ दलित सांसदों ने पार्टी के भीतर प्रमुखता से उठाया था। इस पर मोदी सरकार ने एससी-एसटी एक्ट को और मजबूत करने की बातें कही थी।

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