टूटी पटरियों से रेल हादसों पर लगाम लगाएगी स्कैन डिवाइस

-आरडीएसओ ने किया है तैयार

लखनऊ.

यूपी में रेल हादसों की वजह से कई लोग अपनी जान गंवा देते हैं। जांच रिपोर्ट में भी कई बार यह बात सामने आती है कि टूटी पटरी के कारण रेल हादसा हुआ। इसलिए टूटी पटरियों से होने वाले हादसों को रोकने और उनकी जानकारी लेने के लिए अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) ने अनोखी डिवाइस तैयार की है। इस डिवाइस की मदद से ट्रेन आने के पहले ही टूटी पटरियों की जानकारी मिल सकेगी, जिससे कि रेल हादसों पर लगाम लग सकेगी।

-पहली डिवाइस से नहीं रिकार्ड हो पाता था डाटा

आरडीएसओ के कार्यकारी निदेशक नवीन कुमार सिन्हा के मुताबिक नई डिवाइस से रेल हादसों के कम होने की काफी उम्मीदे हैं। पहले सिंगल और डबल रेल टेस्टर स्कैनर का इस्तेमाल टूटी पटरियों और अन्य जानकारी के लिए किया जाता था।

इसमें समस्या ये आती थी कि इसमें किसी भी तरह की खामियों का डाटा लगातार रिकार्ड नहीं हो पाता था। पुरानी तकनीक के इस्तेमाल के लिए एक ऑपरेटर की भी जरूरत होती थी, जिससे कि डाटा पर लगातार नजर बनी रहे। अगर ऑपरेटर सतर्क नहीं हुआ, तो सही डाटा नहीं मिल पाता था।

-ऑपरेटर के बिना पता लगेगी जानकारी

पहले इस्तेमाल किए जाने वाले स्कैनर से पटरियों की खामियों की सही जानकारी नहीं मिलती थी। इसलिए उन्नत बी स्कैन विधि द्वारा अल्ट्रासोनिक जांच की प्रक्रिया का विकास किया गया है।

इसके जरिये पटरियों की जांच बेहतर तरीके से की जा सकेगी। पहली डिवाइस की तुलना मे इस नई डिवाइस में ऑपरेटर की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस डिवाइस के जरिये खुद ही समय और स्थान का डाटा रिकार्ड हो जाएगा। इन फायदों को देखते हुए आरडीएसओ ने जोनल रेलों को स्पेसिफिकेशन जारी कर दिया गया है और इसकी सप्लाई के लिए वेंडर का काम भी चल रहा है।

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