शिक्षाकर्मी संविलियन को लेकर अब भी तैर रहे है कई सवाल – दीपक वेंताल

रायपुर : केबिनेट मिटिंग में छत्तीसगढ़ के शिक्षाकर्मियों के संविलियन पर मुहर लगने के बाद शिक्षाकर्मियों में तरह-तरह की प्रतिक्रिया आनी शुरू हो गयी जिसमें इस बात पर सभी का जोर है कि 8 साल का बंधन समाप्त कर सभी शिक्षाकर्मियों का संविलियन किया जाना चाहिए साथ ही वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग उठने लगी मोर्चा के जिला संचालक दीपक वेंताल ने बताया कि मंत्री परिषद की बैठक की बाद मुख्यमंत्री निवास पर रात्रि 10ः00बजे शिक्षक पंचायत नगरीय निकाय मोर्चा का प्रतिनिधि मंडल मुख्य मंत्री से मिलकर 23 साल पूर्व शिक्षा विभाग के सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक, व्याख्याता के पदो को डाइंग कैडर कर पंचायत के माध्यम से शिक्षाकर्मियों की भर्ती की गई जिसे समाप्त करते हुए, शिक्षा विभाग में संविलियन करने का मुहर मंत्री परिषद में लगने पर अभार व्यक्त किया गया।

प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा अंबिकापुर के बड़े जनसभा में विकास यात्रा के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की उपस्थिति में शिक्षाकर्मियों के सेवा शर्त व सुविधा में अंतर है इसलिए शिक्षाकर्मियों का संविलियन किया जायेगा कि घोषणा को हम 1लाख 80हजार शिक्षाकर्मी व परिवार को पूरा उम्मीद थी कि 2013 की तरह इस बार वर्ष बंधन नहीं रहेगा लेकिन केबिनेट की मजूरी के बाद 8 वर्ष से नीचे वाले सभी शिक्षाकर्मी अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं 8 वर्षो का बंधन होने के कारण लगातार जो वेतन में जो विसंगति है, वह आगे भी जारी रहेगा जिससे 8वर्ष से नीचे कार्यरत शिक्षाकर्मियों को तो भारी आर्थिक नुकसान है, वहीं पर 8 वर्षो से उपर कार्यरत वर्ग-03 के शिक्षाकर्मियों को भी 6 हजार से 7 हजार का नुकसान है, इन्हीं सभी समस्याओं को देखते हुए 8वर्ष का बंधन समाप्त करते हुए वर्ग-03 की विसंगतियों को दूर करने, कर्मोन्नत वेतनमान का निराकरण शीघ्र करने की मांग मोर्चा द्वारा की गई।

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