छत्तीसगढ़

लॉक डाउन में स्कूली शिक्षा का प्रभावी समाधान सिद्ध हो रहा है पढ़ई तुंहर दुआर

हिमालय मुखर्जी ब्यूरो चीफ रायगढ़

रायगढ़: कोविड 19 की वजह से स्कूली शिक्षा की क्षतिपूर्ति के लिए रायगढ़ जिला की योजना व पढ़ई तुंहर दुआर का सफल क्रियान्वयन, प्रभावी समाधान साबित हो रहा है।

रायगढ़ शिक्षा विभाग सहित जिला पंचायत स्तर पर वर्तमान परिस्थितियों के बीच स्कूली शिक्षा व्यवस्था को और अधिक बेहतर और प्रभावी बनाने के लिए सुनियोजित व्यवस्था के क्रियान्वयन हेतु कार्यशाला आहूत कर रणनीति तैयार कर ली गई है। जिसमें ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था, ऑफलाइन शिक्षा व्यवस्था, संस्थागत शिक्षा व्यवस्था एवं अन्य वैकल्पिक व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओ पर आधारित, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत द्वारा आहूत कार्यशाला में शिक्षा विभाग रायगढ़, जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा विभाग, आयुक्त आदिवासी विकास विभाग, शिक्षा समिति, शिक्षाविदों की सहभागिता व तय रणनीति अनुसार आगामी प्रभावी योजना की शुरुआत भी हो चुकी है।

रायगढ़ जिले में पढ़ई तुंहर दुआर के माध्यम से ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था में प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, हाई व हायर सेकेंडरी स्तर पर व्यावहारिक, सैद्धान्तिक और तकनीकी रूप से ऑनलाइन अध्यापन की इस संकल्पना की सार्थकता इसी बात पर निर्भर रही है कि शिक्षा का मुख्य लक्ष्य रहे, अधिक से अधिक लक्षित बच्चों तक हमारी व्यवहारिक व तकनीकी रूप से पहुँच किस प्रकार से और अधिक बेहतर और प्रभावी बन सके।

ऑफ लाइन शिक्षा व्यवस्था में, शिक्षा और ज्ञान की यह अविरल धारा का प्रवाह बने रहे, इस हेतु गाँव-गाँव में साक्षरता अभियान की तर्ज पर, गांव में निवास करने वाले शिक्षक, सेवा निवृत्त शिक्षक,शिक्षाविद एवं शिक्षित युवाओं व युवतियों को इस अभियान में जोड़कर उनकी प्रभावी भूमिका व सहयोग द्वारा व्यावहारिक व तकनीकी रूप से हमारे लक्षित बच्चों तक सतत सूचना एवं तकनीकी उपयोग की जानकारी भी पहुचाई जा रही है। जिससे घर-घर दुआर दुआर पहुँच शिक्षा की संकल्पना को और बेहतर बना सकें।

रायगढ़ जिला हर परिस्थिति में तैयार रह सके और भविष्य में संभावी परिस्थिति में, शैक्षणिक संस्थाओं को खोलने की अनुमति प्रदान की जाय तो, प्राथमिक, माध्यमिक, हाई व हायर सेकंडरी स्तर तक खुले स्कूलों में लगने वाली कक्षाओं के अलग अलग स्तर, छात्र छात्राओं की कक्षावार संख्या, स्कूल लगने के दिनों की अन्तराली व्यवस्था के साथ साथ बच्चों व शिक्षकों द्वारा विद्यालय में अपनायी जाने वाली सुरक्षात्माक व्यवस्थाएं व दिशा निर्देश और उनका क्रियान्वयन का स्वरूप कैसा होगा इन तमाम बातो की प्रभावी रणनीति व इनका क्रियान्वयन हेतु पढ़ई तुंहर दुआर वर्तमान परिस्तिथयों में एक प्रभावी समाधान साबित हो रहा है, जिसके लिए रायगढ़ जिला हमेशा की तरह प्रतिबद्ध है

रायगढ जिले में 30 मई 2020 तक 3137 विद्यालय इन विद्यालयों के 11239 शिक्षकों का पंजीयन हो चुका है। वहीं 194813 विद्यार्थी पंजीकृत होकर 3130 वर्चुअल ग्रुप व संचालित 8322 ऑनलाइन असाइनमेंट गृहकार्य के माध्यम से सतत् पढ़ाई का लाभ ले रहे हैं।

वहीं ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से शिक्षकों द्वारा 15820 अध्ययन सामग्री भी अपलोड की जा चुकी है। धरमजयगढ़ विकासखंड के शिक्षक श्री निरंजनलाल पटेल ने जिले में सबसे ज्यादा टीएलएम सामग्री अपलोड कराकर इनके उपयोग द्वारा छात्र छात्राओं को अध्यापन कराने में अपनी महती भूमिका निभाई है, जिसके लिए निरंजन लाल पटेल व विद्यार्थी साक्षी शर्मा हमारे नायक बने है।

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