स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. सिंह ने छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड द्वारा आयोजित परीक्षाओं के नतीजे ऑनलाइन घोषित किए

रायपुर। छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड द्वारा आयोजित हाईस्कूल, हायर सेकेण्डरी पत्राचार पाठ्यक्रम परीक्षा प्रथम, द्वितीय, तृतीय, चतुर्थ अवसर और उर्दू अदीब, उर्दू माहिर, उर्दू मोअल्लिम द्वितीय वर्ष परीक्षा के परिणाम स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेम साय सिंह ने आज यहां छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड के कार्यालय में ऑनलाइन घोषित किए। उन्होंने परीक्षा में उत्तीर्ण परीक्षार्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

परीक्षा परिणाम का अवलोकन परीक्षार्थीगण छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड के कार्यालय के सूचना पटल और छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड की वेबसाईट डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट सीजीमदरसाबोर्ड डॉट कॉम www.cgmadarsaboard.com पर भी किया जा सकता है।

डॉ. प्रेमसाय सिंह ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ मदरसा बोर्ड मुस्लिम समाज को शिक्षा के माध्यम से मुख्य धारा में लाने का अच्छा काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि जिन सफल विद्यार्थियों को द्वितीय, तृतीय और चतुर्थ अवसर मिला है, उन्हें और अधिक मेहनत करने की आवश्यकता है।

इस अवसर पर मदरसा बोर्ड के सचिव डॉ. इम्तियाज अहमद अंसारी, सहायक संचालक श्री पी.पी. द्विवेदी सहित बोर्ड के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

हाईस्कूल पत्राचार परीक्षा में 42.45 प्रतिशत, हायर सेकेण्डरी पत्राचार परीक्षा पाठ्यक्रम परीक्षा (कला संकाय) में 78.87 प्रतिशत, हायर सेकेण्डरी वाणिज्य संकाय में 60 प्रतिशत, हायर सेकेण्डरी विज्ञान संकाय में 33.34 प्रतिशत, उर्दू अदीब में शतप्रतिशत, उर्दू माहिर में 92.54 प्रतिशत, उर्दू मोअल्लिम द्वितीय वर्ष परीक्षा में 86.44 प्रतिशत परीक्षार्थी उत्तीर्ण हुए।

परीक्षा राज्य के विभिन्न जिलों के 18 परीक्षा केन्द्रों में आयोजित की गई थी। हाईस्कूल पत्राचार परीक्षा प्रथम अवसर में 32.46 प्रतिशत बालक, 60 प्रतिशत बालिका,, हायर सेकेण्डरी पत्राचार परीक्षा पाठ्यक्रम परीक्षा कला संकाय प्रथम अवसर में 73.08 प्रतिशत बालक, 82.22 प्रतिशत बालिकाएं, वाणिज्य संकाय में शतप्रतिशत बालक, 50 प्रतिशत बालिकाएं, विज्ञान संकाय में 31.25 प्रतिशत बालक, 36.36 प्रतिशत बालिकाएं उत्तीर्ण हुई हैं। इसी प्रकार उर्दू अदीब परीक्षा में शतप्रतिशत बालक और बालिका, उर्दू माहिर में 91.31 प्रतिशत बालक, 93.18 प्रतिशत बालिकाएं और उर्दू मोअल्लिम द्वितीय वर्ष परीक्षा में 83.34 प्रतिशत बालक, 87.23 प्रतिशत बालिकाएं उत्तीर्ण हुई हैं।

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