स्कूल की शिक्षिका ने जड़ा थप्पड़ तो छात्र ने लगा ली फांसी

योगेश केशरवानी

बलौदाबाजार / बिलाईगढ:

बलौदाबाजार जिले के ढेबी हाईस्कूल में उस वक़्त सनसनी फैल गयी जब स्कूल के कक्षा 9वीं में पढ़ने वाले छात्र राहुल भोई की लाश स्कूल प्रांगण से लगे एक पेड़ में फांसी के फंदे पर झूलते हुए मिली, बताता जा रहा है कि स्कूल की एक शिक्षिका ने राहुल को थप्पड़ जड़ दिया था जिस बात से व्यथित होकर राहुल ने स्कूल के समय में ही पेड़ पर फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली।

स्कूल जिसे शिक्षा का मंदिर कहा जाता है और जहां बच्चों के भविष्य को गढ़ा जाता है, लेकिन यही स्कूल एक बच्चे की मौत का कारण बन गया,स्कूल ड्रेस में स्कूल के समय ही स्कूल के प्रांगण से लगे एक पेड़ में छात्र राहुल ने फांसी के फंदे पर झूलकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली,राहुल के परिजनों को लगता रहा कि राहुल तो स्कूल में पढ़ाई करने गया है शाम को घर लौट आएगा।

लेकिन उन्हें क्या पता था कि शाम को राहुल के घर लौटने के बजाय उसके मौत खबर घर आएगी, राहुल के आत्महत्या करने से जहां एक ओर राहुल के परिवार वाले सदमें में है तो वही स्कूल प्रबंधन भी सकते में…. राहुल की मौत से राहुल के पिता और ढेबी गांव के लोग स्कूल प्रबंधन के खिलाफ खासे नाराज है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही की मांग कर रहे है।

ढेबी हाईस्कूल की कक्षा 9वीं में पढ़ने वाले छात्र राहुल भोई के आत्महत्या ने एक साथ कई सवालों को जन्म दे दिया है…राहुल के साथ पढ़ने वाले राहुल के दोस्तों ने बताया कि राहुल गुटखा खाता था और स्कूल में भी गुटखा लेकर आया था, इस बात की जानकारी लगने पर स्कूल की एक शिक्षिका प्रतिमा दीक्षित ने राहुल को थप्पड़ मार दिया जिससे व्यथित होकर राहुल ने स्कूल प्रांगण में ही फासी लगाकर खुदकुशी कर ली।

राहुल की मौत से सवाल ये उठता है कि जब स्कूली छात्र छात्राओं पर किसी भी तरह से पढ़ाई के दौरान मारपीट नहीं करनी है तो फिर स्कूल की शिक्षिका ने बच्चे के साथ मारपीट क्यों की ?

राहुल कक्षा 9वीं का छात्र था और इस उम्र में आके बच्चों को सही गलत की जानकारी प्यार से देने की आवश्यकता होती है ना कि मारपीट करने की.. कोई भी शिक्षक अगर बच्चों के साथ मारपीट करता है तो उसके ऊपर कानूनी कार्यवाही निश्चित है लेकिन शिक्षा विभाग दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करने के बजाय दोषियों को बचाने की कोशिश कर रहा है जिससे इस इस तरह की पुनरावृत्ति हो सकती है,।

ढेबी हाईस्कूल में जो कुछ भी हुआ उससे आज एक गरीब परिवार का चिराग हमेशा हमेशा के लिए बुझ गया, राहुल अपने परिवार में सबसे छोटा था और अपने परिवार का इकलौता लड़का था, राहुल के पिता रोजी मजदूरी करने के लिए बाहर रहते है ताकि राहुल पढ़ लिख कर एक दिन अच्छा आदमी बन सके लेकिन राहुल के पिता को क्या पता था जिस शिक्षा के मंदिर में वो अपने जिगर के टुकड़े को शिक्षकों के हवाले कर रोजी मजदुरी करने बाहर गया है.

वही शिक्षक राहुल की मौत का कारण बन जाएंगे, राहुल के पिता कहते हैं कि उनका बेटा तो अब वापिस नहीं आ सकता लेकिन दोषियों पर कार्यवाही जरूर होनी चाहिए तभी राहुल और उनके परिजनों को इंसाफ मिलेगा, अब देखने वाली बात होगी कि दोषियों पर कब तक और क्या कार्यवाही होती है।

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