उत्तर प्रदेश

स्कूल सिर झुका कर जाने को मजबूर हैं छात्राएं

स्कूल सिर झुका कर जाने को मजबूर हैं छात्राएं

एक तरफ उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ की बात कहती है तो दूसरी ओर उनके ही राज्य में बेटियां सर झुकाने पर मजबूर हैं. पश्चिमी यूपी के शामली से एक हैरान करने वाली, दुखी और शर्मसार करने वाली तस्वीर आई है. ऐसी तस्वीर जिससे पूरे प्रदेश का सिर झुक जाए.

हिन्दू कन्या इंटर कॉलेज जाने वाली छात्राएं ट्रैक्टर के जरिए यहां पहुंचती हैं. 60 छात्राएं एक साथ एक ट्रैक्टर पर बैठ कर स्कूल आती हैं लेकिन रास्ते भर ये सभी सर झुकाए बैठी रहती हैं. एबीपी न्यूज़ संवाददाता रक्षित सिंह ने जब छात्राओं से बात की तो उन्होंने बताया कि लड़के छेड़खानी करते हैं और इसी से परेशान होकर सभी लड़कियां ऐसा करने को मजबूर हैं.

इसके बाद ट्रैक्टर चालक सतपाल ने बताया कि 21 साल वे ट्रैक्टर के जरिए लड़कियों को स्कूल पहुंचाते हैं लेकिन माहौल अच्छा नहीं, छेड़खानी होती है. इसी वजह से लड़कियों से कहा गया है कि वह सिर झुका कर बैठें ताकि कोई उनका चेहरा ना देख पाए.

क्या कहा माता-पिता ने

लड़कियों के माता-पिता ने कहा कि उनके सामने दो ही रास्ते थे, या तो बच्चियों की पढ़ाई बंद करा दी जाए, उन्हें खुद स्कूल छोड़ने और लेने जाएं या फिर ऐसे ही ट्रैक्टर से स्कूल भेजा जाए. उन्हें 60 लड़कियों के ग्रुप में बच्ची को स्कूल भेजना अधिक सुरक्षित लगा. कम से कम बच्ची की पढ़ाई तो जारी रहेगी.

जब इस मामले में शामली के डीएम इंद्र विक्रम सिंह से बात करनी चाही तो उन्होंने साफ इंकार कर दिया. उन्होंने कहा कि हर बात पर बयान दिया जाए यह जरूरी नहीं. उन्होंने कहा कि यह सामान्य बात है और कोई बड़ी बात नहीं है.

ऐसा तब है जब पिछले विधानसभा चुनाव में छात्राओं से छेड़खानी को बड़ा मुद्दा बनाया गया था, जहां के मुख्यमंत्री ने सत्ता में आने के साथ ये भरोसा दिलाया था कि अब यूपी में कोई छात्रा असुरक्षित नहीं महसूस करेगी, अब यूपी में कोई मनचला छात्राओँ के साथ छेड़खानी नहीं कर सकेगा.

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