तेज गर्मी और लू में भी छात्रों को जबरन जैकेट पहना रहे हैं स्कूल

ब्रिटेन सहित पूरे यूरोप में लोगों का गर्मी से बुरा हाल है। ऐसे मौसम में भी कुछ स्कूल हैं, जो कि यूनिफ़ॉर्म के नियमों का हवाला देकर अपने छात्रों को ब्लेजर नहीं उतारने दे रहे हैं। आरोप है कि जिन छात्रों ने गर्मी में ब्लेजर (एक तरह का जैकेट) पहनने से इनकार किया, उन्हें स्कूल ने वापस घर भेज दिया। कई बच्चों को तो सजा के तौर पर स्कूल से निलंबित भी कर दिया गया है। इस असंवेदनशीलता के कारण इन स्कूलों की काफी आलोचना हो रही है। यह जून का महीना 1976 के बाद ब्रिटेन में सबसे गर्म जून रहा है। पूरे यूरोप में गर्मी से लोग परेशान हैं।

कैली आंद्रेनल नाम की एक महिला का आरोप है कि विनचस्टर अकैडमी में पढ़ने वाले उनके चारों बच्चों को स्कूल ने गर्मी में ब्लेजर न पहनने के कारण वापस घर भेज दिया। कैली ने बताया, ‘मुझे बताया गया कि छात्रों को स्कूल जाते और वहां से घर लौटते समय ही ब्लेजर पहनना होगा। ऐसा लगता है कि स्कूल के लिए बच्चों की वेशभूषा उनकी पढ़ाई-लिखाई से ज्यादा अहम है।’ द इंडिपेंडेंट अखबार ने जब इस बारे में स्कूल से संपर्क किया, तो उन्होंने कोई भी जवाब देने से इनकार कर दिया। इस स्कूल में यूनिफॉर्म से जुड़े नियम काफी सख्त हैं। कोई भी छात्र अगर पूरे यूनिफॉर्म में स्कूल नहीं आता, तो उसे वापस घर भेज देने का नियम है। स्कूल का कहना है कि छात्रों को स्कूल में हर वक्त ब्लेजर पहने रखना होगा। चूंकि ब्लेजर स्कूल यूनिफॉर्म का हिस्सा है, ऐसे में इतनी गर्मी में भी उसके बिना छात्रों को स्कूल आने की इजाजत नहीं दी जा रही है।

किंग्सवुड अकैडमी ने भी अपने 3 छात्रों को कुछ समय के लिए निलंबित कर दिया है। आरोप है कि इन तीनों छात्रों ने ब्लेजर पहनने से इनकार कर दिया था। इनमें से एक छात्रा की मां का कहना है कि गर्मी में ब्लेजर पहनने के कारण उनका बेटा करीब-करीब बेहोश हो गया था। छात्रा ने जब स्कूल प्रशासन से ब्लेजर उतारने की अनुमति मांगी, तो उससे कहा गया कि उसे ब्लेजर उतारकर अपने हाथ में थामे रखना होगा। लेकिन जब यह छात्रा स्कूल की छुट्टी होने पर बाहर आई, तो स्कूल ने उसकी मां को फोन कर बताया कि उनकी बेटी को कुछ समय के लिए निलंबित कर दिया गया है। हालांकि स्कूल के प्रिंसिपल ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि इन तीनों बच्चों को गलत व्यवहार के कारण निलंबित किया गया है। कुछ अन्य स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के अभिभावकों ने भी इसी तरह का शिकायत की है। अभिभावकों का कहना है कि तेज गर्मी के कारण उनके बच्चों की तबीयत खराब हो रही है, लेकिन इसके बावजूद स्कूल उन्हें ब्लेजर नहीं उतारने देता।

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