अंतर्राष्ट्रीय

वैज्ञानिकों ने खोज निकला धरती के नीचे हीरों का भंडार

10 खरब से हजार गुना ज्यादा हीरा

वॉशिंगटन : धरती के नीचे हीरों का भंडार है। धरती के निचली हिस्सों में पुरे हीरों के चट्टानें मौजूद है। सर्वे में यह खुलासा हुआ है। सर्वे के अनुसार वैज्ञानिकों ने धरती के नीचे हीरे के बड़े भंडार का पता लगाया है।

मैसाच्युसट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी के शोधकर्ताओं के मुताबिक, धरती के नीचे 10 खरब से हजार गुना ज्यादा हीरा दबा हुआ है।

हालांकि, इसे निकाला नहीं जा सकता है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, यह हीरा धरती की सतह से करीब 90 से 150 मील (145 से 240 किलोमीटर) अंदर है। अभी तक कोई इंसान इतनी गहराई तक नहीं पहुंच पाया है न तो इतनी गहरी खुदाई ही की जा सकी है।

MIT के डिपार्टमेंट ऑफ अर्थ, ऐटमसफरिक ऐंड प्लैनेटरी साइंसेज में रिसर्च साइटिस्ट उलरिक फॉल कहते हैं, ‘हम इस हीरे को बाहर नहीं ला सकते, लेकिन फिर भी यह इतना ज्यादा है, जिसके बारे में हमने पहले कभी सोचा भी नहीं है।’

सेसमिक तकनीक के जरिए वैज्ञानिक यह पता लगाने की कोशिश कर रहे थे कि धर्ती से ध्वनि तरंगे कैसे गुजरती हैं, तभी उन्हें यह हीरे का खजाना मिला जो उल्ट पहाड़ के आकार में हैं।

वैज्ञानिकों को अब लगता है कि पहले के अनुमानों के मुताबिक, पृथ्वी के प्राचीन भूमिगत चट्टानों में 1000 गुना ज्यादा हीरे हैं। हालांकि, अभी भी बेहद कम संभावनाएं हैं कि यह हीरे कभी जूलरी की दुकानों तक पहुंच पाएंगे।

हीरे कार्बन से बनते हैं। धरती की गहराई में तेज दबाव और अत्याधिक तापमान में हीरे बनते हैं। यह सतह के पास तभी आते हैं जब ज्वालामुखी फटे, जो दुर्लभ होता है। इस तरह के ज्वालामुखी विस्फोट लाखों-करोड़ों सालों में एक बार होते हैं।

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