ज्ञान विज्ञान महोत्सव में समर्पित शिक्षक के साथ वैज्ञानिकों को मिला अनुभव साझा करने का मंच

ब्यूरो रिपोर्ट मनोज मिश्रा
सांकरा। ज्ञान विज्ञान और विचारों के आदान प्रदान करने युवा वैज्ञानिक-छात्रों व टेक्नोक्रेट के लिए कोलकाता में5वें भारत अंतराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव में अपने शिक्षकीय जीवन के महत्वपूर्ण एवं अमूल्य अनुभव और सुझाव साझा करने शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल सांकरा के व्याख्याता दीपक देवांगन को भी आमंत्रित किया गया था।

व्याख्याता देवांगन ने बताया कि यह महोत्सव अभिनव, समर्पित व भावुक शिक्षकों, युवा वैज्ञानिकों,छात्रों व टेक्नोक्रेट को अपने अनुभव साझा करने, विज्ञान शिक्षण एवं अध्ययन के अभिनव तरीको को सीखने के लिए वैश्विक मंच प्रदान करता है।भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय एवं विज्ञान भारती के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव का आयोजन कोलकाता में किया गया।

इस अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम में अपने शिक्षकीय एवं विज्ञान सम्बन्धी ज्ञान साझा कर लौटे।शासकीय उच्चत्तर माध्यमिक स्कूल सांकरा के व्याख्याता दीपक देवांगन ने कहा कि विज्ञान प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विभिन्न भारतीय उपलब्धियों के प्रति अपनी वैज्ञानिक समझ, स्वभाव और प्रशंसा में सुधार के लिए आम जनता को शामिल करना है।

यह ज्ञान और विचारों के आदान प्रदान के लिए युवा वैज्ञानिको छात्रों व टेक्नोक्रेट को एक मंच प्रदान करता है।इनमें प्रमुख घटकों में से एक राष्ट्रीय विज्ञान कांग्रेस है, जिसमें स्कूल के केजी कक्षा से लेकर स्नाकोत्तर कक्षा के लगभग400 विज्ञान शिक्षक शामिल हुए।

विश्व का सबसे बड़ा साइंस फेस्टिवल

व्याख्याता दीपक देवांगन ने बताया कि आई आई एस एफ सबसे बड़ा साइंस फेस्टिवल है।साइंस के माध्यम से कलाकार, आम जन की दिन प्रतिदिन की जरूरतों से जुड़े शोध भी इस महोत्सव में आकर्षण का केंद्र रहे।इसका उद्देश्य स्कूली बच्चों शोधकर्ताओं, नवोन्मेषको, कलाकारों और आम जनता को एक साथ लाकर ऐसा प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना रहा, जहाँ वह अपने विचारों के अभिव्यक्ति को वैज्ञानिक तरीके से रख सके।कार्यक्रम में फिल्म,हस्तकला तक मे विज्ञान से आए बदलाव को प्रदर्शित किया गया।

12 हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल

महोत्सव में विश्व के12 हजार से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए कार्यक्रम के माध्यम से देश के बाल, युवा व वरिष्ठ वैज्ञानिकों की प्रतिभा से पूरी दुनिया परिचित हुई।चार गिनीज रिकार्ड में प्रतिभागियों में अपना नाम दर्ज कराने जोर आजमाइश की।व्याख्याता दीपक देवांगन ने बताया कि कोलकाता में आयोजित5वा विज्ञान महोत्सव में देश विदेश सेआये वैज्ञानिकों ने विज्ञान के द्वारा किसान से लेकर गृहणियों तक के काम में आने वाली तकनीक को लेकर अपने अनुभव बांटे।

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