गणेश चतुर्थी के लिए मूर्तिकार रंग-रोगन करने में जूटे

डेढ़ लाख रूपये होती है वार्षिक आय

जैजैपुर : मूर्तिकार दामोदर कुम्हार जो कि बाल्यावस्था से ही गणेश प्रतिमा की मूर्ति के साथ अनेक प्रकार की मूर्तियों को बना रहे हैं उन्होंने बताया कि मुझे मूर्ति बनाते हुए 50 वर्ष हो चुके हैं मेरे द्वारा गणेश, दुर्गा, काली, विश्वकर्मा गौरा की मूर्तियां बनाई जाती है।

मैंने किसी के पास जाकर इसका प्रशिक्षण नहीं लिया अपने मन में मूर्ति बनाने का प्रादुर्भाव उत्पन्न होने से मैं मूर्ति बनाते आ रहा हूं।

जिससे मेरी वार्षिक आय डेढ़ लाख रूपये हो जाती है मैं मूर्ति बनाने के आलावा और कोई काम नहीं करता । हमारे घर के सभी लोग इस कार्य में लगे हुए हैं, इससे हमें अच्छी खासी लाभ मिल जाती है।

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