SDM ने राहुल गांधी की रैली को नहीं दी इजाजत, कहा- पहले NOC लाओ

राजस्थान।

राजस्थान के भरतपुर में बुधवार (9 अक्टूबर) को होने वाली कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की चुनावी रैली पर पानी फिर सकता है। एएनआई के मुताबिक एसडीएम जगदीश आर्या ने भरतपुर में राहुल की रैली को इजाजत नहीं दी है। एसडीएम आर्या ने कांग्रेस से बयाना के पास वाले रैली मैदान के मालिक से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लाने के लिए कहा है।

एक दिन पहले लगाई गई रोक के कारण रैली पर आशंकाओं के बादल मंडरा रहे हैं। बता दें कि चुनाव आयोग ने हाल में राजस्थान समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी है, इसलिए राहुल गांधी की यह रैली कांग्रेस के लिए विशेष महत्व रखती है। चुनाव की तारीखें आते ही जनता भी चुनावी मूड में देखी जा रही है और नेताओं की रैलियों और सभाओं का आंकलन गंभीरता से कर रही है।

राजस्थान के बारे यह बात मशहूर हैं कि राज्य में हर बार सत्ता बदलती है, लिहाजा कांग्रेस भी वसुंधरा राजे सरकार को हटाने के लिए जोर-शोर से तैयारियों में लगी है लेकिन पार्टी के संगठन महासचिव और पूर्व मुख्यमंत्री अशोह गहलोत ने रविवार (7 अक्टूबर) को एक चौंकाने वाला बयान दे दिया।

गहलोत के बयान ने लोगों को पार्टी के खिलाफ हमलावर होने का एक मौका दे दिया। अशोक गहलोत ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, ”अगर हम सत्ता में आते हैं तो राजस्थान की जनता से वादा करते हैं कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के द्वारा शुरू की गई योजनाओं को बंद नहीं करेंगे। हम उन्हें आगे बढ़ाएंगे।

विकास के लिए बिना समय बर्बाद किए लोगों के हित में काम करना हमारी प्रगतिशील सोच है गहलोत के इस बयान पर ट्विटर पर लोग कांग्रेस से पूछते दिखे कि अगर अगर बीजेपी की योजनाओं पर ही काम करना है तो फिर कांग्रेस को वोट क्यों दिया जाए?

राजनीतिक पंडितों की मानें तो वसुंधरा सरकार से नाराज लोगों के वोट कांग्रेस के खाते में जा सकते हैं लेकिन राज्य में चुनावी अखाड़े में प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराने में कांग्रेस के लिए खजाने की कमी आड़े आ रही है। हाल में अशोक गहलोत ने सर्कुलर जारी कर कार्यकर्ताओं से कहा था कि वे लोगों के घर-घर जाकर वोट मांगें और साथ में चंदा भी जुटाएं। चुनाव आयोग की घोषणा के मुताबिक राजस्थान में 7 दिसंबर को 200 सीटों के लिए एक ही चरण में मतदान होगा।

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