त्र्यम्बकेश्वर मंदिर में कोरोना प्रोटोकाल और संक्रमण के चलते शहर में धारा 144 लागू

हर प्रसिद्ध मंदिरों में कोविड प्रोटोकाल और कोविड संक्रमण के चलते विशेष तैयारियां

नई दिल्ली: आज महाशिवरात्रि है। देशभर के सभी 12 ज्योतिर्लिगों में दर्शन का खास महत्व है। लेकिन, कोरोना के चलते मंदिरों में कई तरह की पाबंदियां भी हैं। हर प्रसिद्ध मंदिरों में कोविड प्रोटोकाल और कोविड संक्रमण के चलते विशेष तैयारियां की गई है। कोरोना के कारण महाराष्ट्र के त्र्यम्बकेश्वर मंदिर में जहां पहली बार श्रद्धालु मंदिर में नहीं जा सकेंगे। वहीं उज्जैन के महाकाल मंदिर में शिव भक्तों को दो किलोमीटर पैदल चलकर मंदिर में जाना होगा। श्रद्धालु 45 मिनट में दर्शन कर बाहर भी जाएंगे।

नासिक स्थित त्र्यम्बकेश्वर मंदिर के पुजारी कमलाकर अकोलकर ने बताया कि, मंदिर में शिवरात्रि की पूजा सुबह पांच बजे शुरू होगी। सुबह, दोपहर और शाम को ढाई घंटे की विशेष पूजा होगी। कोरोना प्रोटोकाल और कोरोना संक्रमण के चलते शहर में धारा 144 लागू हैं। इसलिए पहली बार लोग श्रद्धालु मंदिर में आकर भगवान के दर्शन नहीं कर सकेंगे। लेकिन मंदिर के अंदर ट्रस्ट के पुजारी विशेष पूजा-अर्चना करते रहेंगे। रात के जागरण में भी आम लोग शामिल नहीं होंगे।

देवघर स्थित बैद्यनाथ मंदिर के उपायुक्त और सह मंदिर प्रशासक मंजूनाथ भजंत्री ने बताया कि, मंदिर में महाशिवरात्रि को लेकर तैयारी पूरी हो चुकी है। इस मौके पर निकलने वाली शिव बारात हमेशा से श्रद्धालुओं के लिए आर्कषण का केंद्र रहा है। कोरोना संक्रमण और कोविड-19 प्रोटोकाल के चलते इस बार करीब 34 वर्ष बाद बारात नहीं निकलेगी। मंदिर परिसर में ही एक छोटी यात्रा निकलेगी।

उन्होंने बताया कि, मंदिर में पुरोहित सुबह 3 बजकर 5 मिनट पर पूजा शुरू करेंगे जो 4 बजे तक चलेगी। इसके बाद आम श्रद्धालु मंदिर में भगवान को जल अर्पित कर सकेंगे। मंदिर में करीब डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की संभावना हैं। रात 9 बजे तक लोग दर्शन कर सकेंगे। हमें करीब 960 मिनट में सभी श्रद्धालुओ को दर्शन करवाना है।

गर्भगृह में ज्यादा भीड़ नहीं हो इसलिए एक व्यक्ति केवल एक या दो सेकंड ही दर्शन कर सकेंगे। एक घंटे में 9 हजार से ज्यादा लोग दर्शन करेंगे। कोविड प्रोटोकाल को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं को फ्री मास्क भी वितरित किए जाएंगे। उत्तर प्रदेश के वाराणसी के श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में भी शिवरात्री की तैयारी पूरी हो चुकी है।

मंदिर के जनसंपर्क अधिकारी आशीष सिंह ने बताया कि, कोरोना प्रोटोकाल को ध्यान रखते हुए इस बार श्रद्धालु मंदिर के चारों द्वार से झांकी दर्शन कर सकेंगे। कोरोना की वजह से गर्भगृह में प्रवेश और शिवलिंग स्पर्श पर रोक लगाई गई हैं। ऐसी स्थिति में श्रद्धालु मंदिर के द्वार पर लगे अरघे से जलाभिषेक कर सकेंगे। इसके लिए मंदिर प्रबंधन की ओर से खास तैयारियां की गई हैं। मंगला आरती से मंदिर में पूजा अर्चना शुरू होगी।

आम श्रद्धालु सुबह 4 बजे से रात 10.30 तक दर्शन कर सकेंगे। इसके अलावा वीआईपी और दिव्यांगजन के दर्शन की अलग से व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए चार एलईडी स्क्रीन लगाए गए हैं। इस पर लगातार लाइव टेलीकास्ट होता रहेगा। मध्यप्रदेश के महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि को लेकर विशेष तैयार की गई हैं। बाबा महाकाल के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को करीब दो किमी तक पैदल चलना होगा।

उज्जैन कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि, श्रद्धालु केवल 45 मिनट में भगवान के दर्शन कर सकेंगे। गर्मी को देखते हुए हर थोड़ी थोड़ी दूर पर श्रद्धालुओं के लिए पानी की व्यवस्था भी की गई है।
कोविड संक्रमण और कोविड प्रोटोकाल का ध्यान में रखते हुए मंदिर में ज्यादा समय तक श्रद्धालुओं को रुकने नहीं दिया जाएगा। मंदिर में दर्शन सुबह छह बजे से शुरु होंगे। वहीं, मध्यप्रदेश के ओंकारेश्वर में महाशिवरात्रि पर सुबह 4 बजे मंदिर खोले जाएंगे।

मंदिर के प्रशासन एसडीएम चंद्र सिंह सोलंकी ने बताया कि, श्रद्धालु सुबह 8 बजे तक ज्योतिर्लिंग श्री ओंकारेश्वर भगवान के समीप लगे पात्र में जल चढ़ा सकेंगे। श्रद्धालुओं को सुबह 8 से शाम 6 बजे तक जल चढ़ाने की व्यवस्था की गई है। मंदिर 24 घंटे खुला रहेगा। दर्शन की व्यवस्था सामान्य रहेगी। प्रशासन का लक्ष्य एक मिनट में 5 लोगों को दर्शन कराने का है। गुरुवार को एक लाख से ज्यादा लोग के दर्शन करने का अनुमान है।

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