हवाई अड्डों-परमाणु ठिकानों की सुरक्षा सोशल मीडिया ट्रेंड्स से होगी

देश में हवाई अड्डों और परमाणु और एयरोस्पेस प्रतिष्ठानों जैसी सर्वाधिक महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पहली बार सोशल मीडिया ट्रेंड्स और डाटा एनालिटिक्स का इस्तेमाल किया जाएगा.

केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल राष्ट्रीय एजेंसी है जिसे इन महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है. सीआईएसएफ ने चेन्नई के निकट अराक्कोनम में अपने ठिकाने में पहले ‘मीडिया लैब’ और सोशल मीडिया निगरानी नियंत्रण कक्ष-पैटर्न रिसर्च फॉर इंस्टीट्यूशनल सोशल मीडिया एनालिटिक्स की स्थापना की है.

सीआईएसएफ एजेंटों के एक विशेष दल को सोशल मीडिया ट्रेंड, समाचारों, रिपोर्ट और विभिन्न प्लेटफॉर्म पर संकेतकों की निगरानी करने, उनका मिलान करने और उसे अपने विभिन्न हवाई अड्डों और अन्य महत्वपूर्ण इकाइयों को ‘कार्रवाई योग्य खुफिया’ सूचना के तौर पर पहुंचाने का प्रशिक्षण दिया गया है.

अर्द्धसैनिक बल जिन प्रतिष्ठानों की सुरक्षा करता है उसके खिलाफ किसी संदिग्ध और तोड़फोड़ जैसी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए ट्विटर, फेसबुक, यूट्यूब और फ्लिकर जैसे मंचों का उपयोग करेगा.

आईआईटी दिल्ली द्वारा विकसित इस मंच का इस्तेमाल खुफिया ब्यूरो और मुंबई पुलिस द्वारा सुरक्षा मुद्दों पर नजर रखने के लिए किया जाता है.
सीआईएसएफ के डीजीपी ओ पी सिंह ने कहा, ‘हम इसे प्रायोगिक आधार पर कर रहे हैं. प्रिज्म कंट्रोल रूम देश के दक्षिणी भाग में स्थित है क्योंकि अच्छी खासी संख्या में उस हिस्से में हमारी इकाइयां हैं जिन्हें अपनी सशस्त्र सुरक्षा आवरण उपलब्ध कराई गई है. इन अनुभवों के आधार पर इस स्मार्ट केंद्र को प्रोत्साहन दिया जाएगा.

1
Back to top button