राष्ट्रीय

राज्य सुनिश्चित करें बाल गृहों की सुरक्षा – राजनाथ

बाल संरक्षण गृह कांड पर सदन में बोले गृह मंत्री

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के देवरिया और बिहार के मुजफ्फरपुर में बाल संरक्षण गृहों में बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटना पर लोकसभा से केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सदन को भरोसा दिलाया कि दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि सभी राज्यों में बाल गृहों की सुरक्षा को भी सुनिश्चित किया जाएगा। इससे पहले इस मुद्दे को लेकर समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, तृणमूल कांग्रेस और बीजू जनता दल के सदस्य सदन से बाहर निकल गए।

गृहमंत्री ने लोकसभा में शून्यकाल में समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव द्वारा यह मामला उठाने पर सदन को बताया कि यह घटना सही है और उत्तर प्रदेश सरकार ने इस घटना के सामने आने के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए बाल संरक्षण गृह की संचालिका तथा उसके पति को गिरफ्तार कर दिया है और मामले की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं।

राजनाथ ने कहा कि इस घटना की जांच का कार्य अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक स्तर के अधिकारियों को सौंपी गयी है और उनसे इसकी रिपोर्ट शीघ्र मांगी गया है। जिला योजना अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है और देवरिया के जिला अधिकारी को हटाया गया है।

उन्होंने कहा कि किसी को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी राज्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति नहीं हो इसके लिए केंद्र सरकार की तरफ से सभी राज्यों को आवश्यक कमद उठाने के लिए परामर्श भेजा जा रहा है। गृहमंत्री के बयान के बाद सपा, कांग्रेस, बीजद, तृणमूल कांग्रेस तथा राजद ने सदन से बहिर्गमन कर दिया।अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि यह मामला अत्यधिक संवेदनशील है और इस तरह की घटनाएं सचमुच बहुत चिंताजनक हैं। उन्होंने सभी सदस्यों को अपने अपने क्षेत्रों में इस तरह की घटनाओं के प्रति सचेत रहने का आग्रह किया और कहा कि बाल संरक्षण गृहों की इन घटनाओं से पूरा सदन चिंतित है।

इससे पहले सपा के धर्मेंद्र यादव ने यह मामला उठाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के देवरिया में स्थित एक बाल संरक्षण गृह से भागकर पुलिस थाने पहुंची दस साल की बच्ची ने बयान दिया है कि बाल संरक्षण गृह में अंधेरा होते ही कई रंगों की लग्जरी कारें आती थीं और बच्चियों को बाहर ले जाया जाता था। उन्होंने कहा कि यह जांच होनी चाहिए कि बच्चियों को किन अधिकारियों, नेताओं, ठेकेदारों, कारोबारियों को सौंपा जाता था। कांग्रेस के मल्लिकाजुर्न खड़गे ने कहा कि इस तरह की घटनाओं की पड़ताल करने तथा बाल गृहों की स्थितियों को लेकर संसद की समिति से जांच करायी जानी चाहिए।

उन्होंने महाजन से इसके लिए संसदीय समिति गठित करने की मांग की। राष्ट्रीय जनता दल के जयप्रकाश नारायण ने कहा कि मुजफ्फरपुर तथा देवरिया की घटना ने देश को शर्मशार कर दिया है। भाजपा के कलराज मिश्र ने कहा कि देवरिया के बाल संरक्षण गृह चलाने वाले स्वयंसेवी संगठन का लाइसेंस दो साल पहले निरस्त हो गया था लेकिन वह जबरदस्ती बाल गृह को चला रहा था। एनजीओ का मामला अदालत में चल रहा था। एनजीओ के यहां छापे भी डाले गये और इस मामले में प्राथमिकी भी दर्ज हुई है।