छत्तीसगढ़राजनीति

चेहरा देख, ज़ोन तय करने वाली विश्व की पहली सरकार- संजय श्रीवास्तव

आम और खास के लिए कंटेन्मेंट ज़ोन के क़ायदे अलग कैसे- भाजपा

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कोरोना से लड़ाई में प्रदेश सरकार की गंभीरता पर ही सवाल उठाते हुए कहा है कि प्रदेश में कांग्रेस की सरकार इस महामारी के ख़िलाफ़ लड़ाई में इतनी महारत हासिल कर चुकी है कि चेहरा देख कर सारे नियम कायदों को धता बताते हुए कंटेन्मेंट ज़ोन तय करने लगी है।

उन्होंने उन्होंने देवेन्द्र नगर में कोरोना पॉजिटिव के मिलने के बाद कंटेन्मेंट ज़ोन तय करने की प्रक्रिया पर ही सवाल उठाते हुए कहा है कि वीवीआईपी क्षेत्र में प्रभावशाली चेहरा देख कर कंटेन्मेंट ज़ोन तय करने के नियम अलग और सड्डू क्षेत्र में कंटेन्मेंट ज़ोन तय करने के नियम अलग, यह कैसे संभव है? सरकार क्या चेहरा देख कर प्रभावशाली लोगों के दबाव में अपने नियम बना रही है?

चेहरा देख ज़ोन का निर्धारण करने वाली यह विश्व की पहली सरकार-श्रीवास्तव

भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने चेहरा देख कर कंटेन्मेंट ज़ोन तय करने को सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के पास लापरवाही, लचर व्यवस्था, बदइंतजामी, कोरेण्टाइन सेंटर्स में अव्यवस्था और लापरवाही से मौत, बदहाल कोरेण्टाइन सेंटर, के अतिरिक्त बताने जैसी कोई उपलब्धि नहीं है।

ऐसे में चेहरा देख कर कंटेन्मेंट ज़ोन तय करने की विफलता की एक और उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की वनमैन आर्मी सरकार को देते हुए उन्हें बधाई दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वीआईपी, वीवीआईपी और आम नागरिकों का चेहरा देख ज़ोन का निर्धारण करने वाली यह विश्व की पहली सरकार है।

एक तरफ प्रदेश के 23 जिले कोरोना का कहर झेल रहे है। प्रदेश में बीते एक हफ्ते में कोरोना का ग्राफ़ तेजी से बढ़ा है। ऐसे में राजधानी रायपुर में इतनी बड़ी लापरवाही सरकार की मंशा पर ही प्रश्न चिन्ह खड़ा करती है। क्या वाकई सरकार गंभीरता से इस महामारी से लड़ना चाहती है?

क्या कोरोना प्रभावशाली व आम नागरिक में भेदभाव कर अपना विस्तार करता है?

भाजपा प्रवक्ता संजय श्रीवास्तव ने कहा कि क्या प्रभावशाली लोगों को कोरोना का खतरा नहीं है? क्या कोरोना वीआईपी वीवीआईपी और आम नागरिकों से भेदभाव कर अपना विस्तार करता है? यदि नहीं तो फिर क्यों सारे नियम कायदों को ताक पर रख कर कोरोना प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले प्रभावशाली लोगों ऑफिसर्स कॉलोनी को कंटेन्मेंट ज़ोन से अलग रखा गया है।

क्या सरकार के इन खास लोगों के क्षेत्रों में संक्रमण का डर नहीं है? सरकार क्यों प्रदेश वासियों को और राजधानी को खतरे में डालना चाहती है? उन्होंने कहा कि सड्डू क्षेत्र एवं प्रदेशभर के आम नागरिक इस महामारी के विरुद्ध लड़ाई में सरकार का सहयोग कर रहे है, सरकार के नियम कायदों का ईमानदारी से पालन कर रहे है। परंतु यह दुर्भाग्यजनक है कि प्रभावशाली लोग तमाम नियम कायदों में अपने अनुकूल परिवर्तन करवा कर न सिर्फ सरकार और प्रशासन की नाकामी और लापरवाही उजागर कर रहे है अपितु लोगों को खतरे में डाल रहे है।

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