रीना नागर का जज्बा देख फेमस ट्रैक्टर कंपनी ने अपने कैलेंडर में दी जगह

कृषि उपकरणों का व्यवसाय-खेती करने वाले किसान पिता की मौत

भोपाल:मध्य प्रदेश के भोपाल के बकानियां गांव में रहने वाली रीना नागर का जज्बा देख फेमस ट्रैक्टर कंपनी ने अपने कैलेंडर में उन्हें जगह दी. पिता के मौत के बाद रीना ही अपने परिवार के लिए मुखिया साबित हुई, जो मेहनत और लगन से ट्रैक्टर चलाकर अपने घर का भरण-पोषण कर रही है.

इनके स्ट्रगल की कहानी शुरू होती है 7 साल पहले. रीना उस वक्त कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई कर रही थीं, लेकिन अचानक परिवार पर संकट आ गया. कृषि उपकरणों का व्यवसाय-खेती करने वाले किसान पिता की मौत हो गई और परेशानियों ने चारों तरफ से घेर लिया.

रीना इससे टूटी नहीं बल्कि और मजबूत हो गईं. रीना ने जब देखा कि मां, दो बहनों और भाई की जिम्मेदारी उस पर आ गई है तो उसने खुद को कमजोर नहीं होने दिया.

रिपोर्ट के मुताबिक रीना ने बताया,’पिता जमना प्रसाद के जाने के बाद लोग कहा करते थे कि खेती-किसानी लड़कियों के बस की बात नहीं, लेकिन मैं नहीं मानी. मैंने पिता के कृषि उपकरणों के व्यवसाय को संभालने का फैसला किया. शुरुआत में काम में थोड़ी मुश्किलें आईं. लेकिन मैंने न सिर्फ खेती-किसानी का काम सीखा बल्कि ट्रैक्टर चलाकर बोनी, जुताई, हार्वेस्टिंग करने का काम खुद किया.’

रीना के मुताबिक, पिता की डायरी में दर्ज नम्बरों से पुराने वर्कर्स को फिर जोड़ा और उनकी मदद ली. रीना ने आज अपनी मेहनत से पिता का लिया 30 लाख रुपये का कर्ज चुका दिया है. उसने मेहनत से हार्वेस्टर सहित की कृषि उपकरण खरीद लिए हैं.

रीना ने बताया कि उसके पास 7 एकड़ खुद की जमीन है और वह 7 एकड़ दूसरे की जमीन पर खेती करती है. भाई-बहनों की पढ़ाई करवाती है. मां का हाथ बंटाती है. इतना ही नहीं खेती-किसानी के काम के साथ-साथ रीना पार्ट टाइम जॉब भी करती है, क्योंकि इससे परिवार को आर्थिक मजबूती मिलती है.

रीना की मां सोदर बाई ने कहा कि मेरी बेटी अपने मजबूत इरादों से पिता के व्यवसाय को न सिर्फ आगे बढ़ा रही है बल्कि खेती-किसानी के गुर अपने छोटे भाई बहनों को भी सिखा रही है. रीना का भाई वीरेंद्र भी अब उनके कामों में मदद कर रहा है.

रीना का कहना है कि वह छोटे भाई-बहनों की शादी के बाद ही शादी करेगी. भाई-बहनों को इसलिए खेती-किसानी के गुर सिखाए जा रहे हैं, ताकि वे भी आगे चलकर अपने पांव पर खड़े हो सकें और परिवार को और मजबूत बनाएं.

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