उपद्रवी नजारा देख कांग्रेस ने अपनी चुनावी दुकान समेटी : भाजपा

'राहुल के दंभ का छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने निकाला दम

रायपुर।

प्रदेश भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस द्वारा अपने प्रत्याशियों की सूची घोषित करने की रणनीति बदलने पर कटाक्ष कर कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अगस्त में यह सूची घोषित करने की बातकही थी पर अब हालात ये हैं कि बड़ा शोर सुनते थे पहलू में दिल का, जो चीरा तो कतरा-ए-खूं भी न निकला।

प्रदेश भाजपा प्रवक्ता सच्चिदानंद उपासने ने सोमवार को कहा कि अगस्त में प्रत्याशी घोषित कर देने के राहुल गांधी के दंभ का दम तो प्रदेश कांग्रेस ने निकाल दिया। आपसी कलह और सत्ता की भूख ने कांग्रेस नेतृत्व को दुविधा में डाल दिया है। कांग्रेस अब भी टिकट-वितरण के अपने पुराने तौर-तरीकों से मुक्त नहीं हो पा रही है और आखिरी वक्त तक उसके नेता प्रत्याशियों के नाम तय करते और बदलते ही नजर आएंगे।

संचार क्रान्ति के इस युग में भी पुरानी परंपरा को ढो रही कांग्रेस आधुनिक विकास की संभावनाओं से अभी भी दूर है। श्री उपासने ने कांग्रेस की प्रत्याशी चयन प्रक्रिया को ड्रामेबाजी बताते हुए कहा कि कांग्रेस ने रणनीति बदलकर साबित कर दिया कि एक तो वह भाजपा से डरी-सहमी है और दूसरे, उसे अपने प्रत्याशियों व कार्यकर्ताओं पर भरोसा नहीं है। स्वयं कांग्रेस के नेता भीतरघात और नाराजगी की बात स्वीकार कर रहे हैं। यह बात 332 लोगों की प्रदेश कार्यसमिति की घोषणा के बाद उभरे असंतोष ने भी सिद्ध कर दी है। कांग्रेस का यह राजनीतिक चरित्र पद व सत्ता की भूख को रेखांकित करता है।

प्रदेश भाजपा प्रवक्ता उपासने ने भाजपा की सूची के बाद अपने प्रत्याशी घोषित करने के कांग्रेसी एलान पर भी कटाक्ष किया कि अखबारी सुर्खियों व चर्चा में बने रहने के लिए ही राहुल गांधी ने अगस्त में प्रत्याशी घोषित करने की बात कही थी, लेकिन अब उन्हें समझ आ गया है कि यहां कांग्रेस की राजनीतिक जमीन पूरी तरह खोखली है। अब कांग्रेस नेता चुनाव आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रमों की घोषणा का इंतजार इस तरह कर रहे हैं, मानो कांग्रेस की सूची चुनाव आयोग फाइनल करेगा। कांगे्रस नेताओं द्वारा यह कहे जाने पर कि पहले उसके प्रत्याशी चयन का फायदा भाजपा उठा लेती है उपासने ने चुटकी ली कि क्या कांग्रेस अध्यक्ष को यह बात पहले पता नहीं थी?

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा को कांग्रेस प्रत्याशियों की घोषणा से कोई सरोकार नहीं है। हमारी पार्टी तो अपने कार्यकर्ताओं के बल पर चुनावी मैदान में उतरती है और जनादेश का पूरा सम्मान करती है। भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए सभी क्षेत्र में एक ही प्रत्याशी होता है और वह है कमल का फूल।

पार्टी कार्यकर्ता इसी भाव के साथ इस बार भी भाजपा की चौथी बार सरकार बनाने दृढ़-संकल्पित हैं जबकि कांगे्रस की चुनावी प्रक्रिया शुरू से कार्यकर्ताओं को गुमराह करने वाली रही है। टिकट-आवेदन के बहाने कांग्रेसियों को सक्रिय करने के फेर में जैसा उपद्रवी-नजारा कांग्रेस में दिखा, उसे देखकर ही कांग्रेस ने चुनावी टिकट की दुकान समेट ली है।

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