119 कट्टा अवैध धान जब्त, संदेह के दायरे में खाद्य विभाग

मामले को रफादफा करने की कोशिश

राज शार्दूल

कोण्डागांव/विश्रामपुरी।

बड़ेराजपुर तहसील क्षेत्र के अन्तर्गत ग्राम बांसकोट मे 119 कट्टा धान जब्त किया गया है। स्थानीय कोचिया के द्वारा उड़ीसा से धान लाकर किसान के पट्टे पर खपाने की कोशिश की जा रही थी। इसी बीच गश्त पर निकले खाद्य अधिकारियों को इसकी भनक लगी और वे मौके पर पहुंच कर धान को पंचनामा भरकर जब्त किया। अधिकारियों की माने आरोपी धान छोड़ कर भाग ने मे कामयाब हो गया।

जबकि ग्रामीणों का कहना है कि खाद्य विभाग के अधिकारियों ने कोचिया को जानबूझकर भागने का मौका दिया तथा धान को लावारिस बता दिया। जिले में धान खरीदी के अंतिम चरण में होने से कोचिया -दलाल ,व्यापारी सक्रिय हो गए हैं एवं उड़ीसा से खाना लाकर खपाने की कोशिश में लगे हैं। यह शिकायत उड़ीसा सीमा पर स्थित धान खरीदी केन्द्रों मे अधिक है।

लेम्प्स की मिलीभगत से खप रहा उड़ीसा का धान

जिले मे उड़ीसा सीमा से नजदीक पड़ने वाले धान खरीदी केन्द्रों मे किसानों को प्रलोभन देकर उनके खाली पट्टे पर अवैध धान को खपाया जा रहा है। लेम्प कर्मियों की मिलीभगत से ओड़ीसा से लाये गये धान को कोचियायो के द्वारा पहले से ही खपाया जा रहा था।

चश्मदीदों के मुताबिक 119 कट्टा धान को खाद्य अधिकारियों एवं लेम्प्स ने मिलकर लावारिस बता दिया है जबकि परिवहन करने वाला कोचिया एवं धान परिवहन किया गया वाहन वहां मौजूद थे। किन्तु उस वक्त उनको नजर अंदाज करके बाद मे भी उनको नहीं बुलाया जाना जांच अधिकारियों को संदेह के दायरे में खडा करता है।

जांच कर्ता जिला खाद्य अधिकारी ने उसे पूछताछ तक नहीं किया बल्कि वहां मौजूद महिला कंप्यूटर ऑपरेटर से पूछताछ की गई तो उसने अधिकारियों ने बताया कि उसके बड़े पिताजी कोमल साहू का धान है तत्पश्चात खाद्य अधिकारियों ने वहां जाकर संबंधित व्यक्ति से पूछताछ की तो उसने किसी भी प्रकार से धान बेचने से साफ इनकार कर दिया तत्पश्चात कुछ ग्रामीणों ने खाद्य विभाग के अधिकारियों को इस बात की जानकारी दी कि एक कोचिया का धान है जो यही मौजूद है तथा जिस गाड़ी से धान खाली किया था वह भी मौजूद है किंतु अधिकारियों ने उससे पूछताछ के बजाय किसी अन्य व्यक्ति को उसके घर में भेजा जिससे विभाग के अधिकारियों पर उंगलियां उठ रही है।

लगातार बढ़ रही है उड़ीसा से धान खपाने का मामला इसके पूर्व माकड़ी एवं हीरापुर के धान खरीदी केंद्रों में भी ट्रैक्टर एवं पिकअप से उड़ीसा से धान लाया जा रहा था जिसे जप्त किया जा चुका है। लगातार उड़ीसा से धान पहुंचने की खबरें होने के बावजूद प्रशासन सतर्कता नहीं बरत रही है । ग्रामीणों की शिकायत है कि प्रशासनिक अधिकारियों के द्वारा उड़ीसा सीमा पर किसी प्रकार की चेकिंग नहीं की जा रही है ।जबकि इस संबंध में कई मर्तबा खाद्य विभाग को शिकायत की जा चुकी है। किंतु वह बैठे-बिठाए लेंम्पस में जाकर ही धान जप्त कर पाते हैं और बड़ी मुश्किल से आंकड़े जुटा कर वाहवाही लूट रहे हैं ।

सांठगांठ से चल रहा है कारोबार

उड़ीसा से लगातार धान लाकर खपाने मे लेम्पस की मिलीभगत बताया जा रहा है । खरीदी प्रभारियों के द्वारा कंप्यूटर ऑपरेटर से आंकड़े जुटाए जा रहे हैं । किसानों के खाली पट्टे की जानकारी सबसे ज्यादा कंप्यूटर ऑपरेटर को होती है। वह कंप्यूटर ऑपरेटर किसानों के खाली पट्टे वाले किसानों से संपर्क साधते हैं जिसके लिए खरीदी प्रभारियों के द्वारा बकायदा दलाल रखे गए हैं।

इतना ही नहीं बल्कि खरीदी प्रभारियों के द्वारा आसपास के धान खरीदी करने वाले कोचिया, व्यापारियों से भी संपर्क बना कर रखा गया है ताकि वह समय-समय पर धान उपलब्ध कराते रहें जिससे खरीदी प्रभारी एवं उनके परिवार से जुड़े हुए लोग अच्छी खासी रकम कमा रहे हैं। कई बार ऐसा भी होता है जब किसान अपने पट्टे पर कोच्चिया का धान लेकर लेम्पस में खड़ा रहता है और प्रलोभन के चलते कोचिया के धान को स्वयं का बताता है। यह कृत्य खरीदी प्रभारी की सांठगांठ के बिना संभव नहीं है।

क्या कह रहे हैँ जिम्मेदार अधिकारी

इस संबंध में जिला खाद्य अधिकारी श्री अनुराग भदौरिया से संपर्क करने की कोशिश की गई तो हमेशा की तरह उनका मोबाइल बंद था तत्पश्चात उनके अधीनस्थ खाद्य निरीक्षक विश्रामपुरी श्री वर्मा से जानकारी चाही गई तो उन्होंने यह कहा कि उनके अधिकारी के आदेश के बिना वे इसके बारे में टिप्पणी नहीं करेंगे ।

विश्रामपुरी के तहसीलदार मनोज कोसरिया ने भी यही कहा कि यह कार्यवाही जिला खाद्य अधिकारी के द्वारा की गई है। कार्यवाही मे लापरवाही के संबंध में वही बता सकते हैं उन्होंने कहा कि जब गाड़ी घटनास्थल पर थी तो जप्त करने की कार्यवाही भी उन्हीं को करना था। वह इस संबंध में अब कोई कार्यवाही करने में असमर्थ हैं।

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