राज्य वीरता पुरस्कार के लिए 4 बच्चों का चयन, 26 जनवरी को मिलेगा पुरस्कार

रायपुर।

छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद ने वर्ष 2018-19 के राज्य वीरता पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। इन पुरस्कारों के लिए परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल की अध्यक्षता में ज्यूरी समिति की अनुशंसा पर प्रदेश के 4 बहादुर बच्चों का चयन किया गया है, जिन्हें गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में सम्मानित किया जाएगा। इन बच्चों ने साहस का परिचय देते हुए अपनी जान की परवाह किये बगैर अपनी सूझबूझ से दूसरों की जान बचाई है।

बच्चों को पुरस्कार में 15-15 हजार रूपए की नगद राशिए प्रशस्ति पत्र और चांदी के मेडल प्रदान किया जाएगा। बैठक में बाल कल्याण परिषद के उपाध्यक्ष नरेशचंद्र गुप्ता- महासहिव अशोक त्रिपाठी सचिव इंदिरा जैन, कार्यक्रम प्रभारी राजेन्द्र निगम, डिप्टी कलेक्टर पूनम शर्मा एएआईजी सीआईडी पूजा अग्रवाल, उपसंचालक महिला बाल विकास समीर पांडे, बाल कल्याण अधिकारी प्रभा सेन्द्रे, इन्द्रसेन वर्मा आदि उपस्थित थे।

जानिए बच्चों के साहस की कहानी

सोमनाथ वैष्णव पिता संतोष दास वैष्णव 11वर्ष, कुमारी पूनम यादव पिता राम चरण यादव 10 वर्ष ग्राम व पोस्ट खल्लारी जिला महासमुंद।

घटना- दिनांक 14 अप्रैल 2018 को ग्राम खल्लारी जिला महासमुंद छत्तीसगढ़ निवासी संतोष दास वैष्णव का पुत्र सोमनाथ तथा रामचरण यादव की पुत्री कुमारी पूनम दोपहर में गांव के तालाब के पास पचरी में नहा रहे थे।उसी समय ग्राम का ही एक और बालक परमेश्वर विश्वकर्मा उम्र 6 वर्ष तालाब में नहाते हुए गहराई में चला गया और डूबने लगा। पचरी में खेलते हुए सोमनाथ व पूनम ने परमेश्वर को डूबते देखा और अपनी जान की परवाह किए बगैर तालाब में छलांग लगा दी।

उन्होंने पानी के अंदर डूबे हुए बालक का हाथ पकड़ कर तालाब के बाहर खींच कर ले आये और उसकी जान बचा ली। इस दौरान प्रत्यक्षदर्शी ग्रामीणों द्वारा उनके परिवार को सूचना दी गई। पुलिस अधीक्षक महासमुंद द्वारा साहसी बालक सोमनाथ और पूनम को वीरता पुरस्कार प्रदान करने हेतु अनुशंसा की गई थी।

हाथियों से बचाया

कुमारी कांति पिता विनोद सिंह कंवर 9 वर्ष ग्राम मोहनपुर पोस्ट उदयपुर जिला सरगुजा।
घटना- दिनांक 17 जुलाई 2018 को ग्राम मोहनपुर, धावरापारा, पोस्ट उदयपुर, जिला सरगुजा, में जंगली हाथियों का एक झुंड पहुंच गया और वे पूरे ग्राम में उपद्रव करने लगे। हाथियों का झुंड ग्राम निवासी खोराराम कंवर के घर को तोड़ते हुए बाड़ी में पहुंच गया और वहां लगी मक्का की फसल को बर्बाद करने लगे।

हाथियों से डर के कारण खोराराम के परिवार के समस्त सदस्य घर में तीन वर्ष की बच्ची सोनिया को भूलकर बाहर निकल गये। कुछ दूर जाकर अपने साथ सोनिया को न देखकर सभी सहम गये किन्तु घर में व आस-पास हाथियों के झुण्ड को देखकर घर के पास जाने की किसी की भी हिम्मत नहीं हो रही थी। सभी छोटी बच्ची सोनिया के लिए परेशान हो रहे थे।

बहन को बचाया

खोराराम की सात वर्षीय नातिन कु. क्रांति जो परिवार के साथ बाहर थी उसने जब देखा कि उसकी छोटी बहन सोनिया घर के अन्दर ही छूट गई है तब वह बिना समय गंवाए फुर्ति से दौड़ती हुई जंगली हाथियों के बगल से गुजरते हुए अपने घर के अन्दर गई व अपनी तीन वर्षीय छोटी बहन सोनिया को लेकर हाथियों की नजरों से बचते-बचाते हुए सकुशल घर से बाहर निकल आई।

हाथियों के झुण्ड द्वारा खोराराम के घर को बर्बाद कर उनके पड़ोसी सुखराम कंवर की भैंस को कुचलकर घायल कर दिया और पड़ौसियों के घर के दरवाजों, सामानों को तोड़कर तहस-नहस कर दिए। साहसी कु. कांति ने अपनी जान की परवाह न करते हुए अपनी तीन वर्षीय छोटी बहन सोनिया की जान बचा ली अन्यथा कोई अनहोनी घटना घट सकती थी। स्थानीय लोगों द्वारा साहसी कु.कांति की बहादुरी की प्रशंसा की गई।कलेक्टर, जिला सरगुजा द्वारा (छ.ग.) साहसी कु. क्रांति को वीरता पुरस्कार प्रदान करने हेतु अनुशंसा की गई।

डूबते दोस्त को दिया सहारा

दिनांक 25 मई 2018 को ग्राम सरिया, जिला रायगढ़, (छ.ग.) के निवासी चक्रधर बारिक का पुत्र प्रशांत बारिक, आयु 10 वर्ष, अपने अन्य चार मित्रों (लोकेश प्रधान, उम्र 08 वर्ष, आलोक सिदार उम्र 06 वर्ष, विक्की प्रधान उम्र 06 वर्ष, अखिलेश सिदार उम्र 06 वर्ष) के साथ प्रतिदिन की तरह शाम को महानदी में नहाने गये थे। पांचों मित्र नहाते हुए खेलते रहे, इस बीच बालक लोकेश प्रधान, 08 वर्ष खेलते खेलते नदी के गहरे खाई में जा गिरा और डूबने लगा, उसके हाथ पानी के ऊपर थे।

बालक प्रशांत बारिक अपने मित्र लोकेश को डूबते देख बिना समय गवांए लोकेश को खींचकर मौत के मूंह से बाहर निकाल लाया। स्थानीय लोगों द्वारा बालक प्रशांत बारिक को शाबाशी देते हुए उसके साहस की सराहना की गई। प्राचार्य, शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल सरिया जिला रायगढ़ तथा संचालक, महिला एवं बाल विकास विभाग रायपुर, द्वारा बालक प्रशांत बारिक के साहसिक कार्य हेतु वीरता पुरस्कार प्रदान किये जाने बाबत् अनुशंषा किया गया है।

इसी तारतम्य में भारतीय बाल कल्याण परिषद् नई दिल्ली द्वारा राज्य के झगेन्द्र साहू, रितिक साहू व श्रीकांत गंजीर का चयन राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार 2018.19 हेतु किया गया। ये बच्चे नई दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में शामिल होंगे।

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