छत्तीसगढ़

भेजामैदानी के बंजर जमीन पर लहलहा रही हरियाली

जागेश्वर सिन्हा

बालोद । अगर कुुुछ करने का जस्बा और जुनून हो तो न होने वाली कोशिश कड़ी मेहनत और सामूहिक सहयोग से पूरी हो जाती है।  बस ऐसा ही एक प्रयास  गुरुर ब्लाक के ग्राम भेजामैदानी के सरपंच  ,पंच व ग्रामीणों  ने कर दिखाया। यहाँ बंजर जमीन पर अब पौधे पेड़ बनने की ओर है और चारों  ओर  हरियाली लहलहा रही है। मात्र 5 माह की मेहनत में ही पौधों ने विकास करना प्रारंभ कर दिया है।
 
 नरेगा के तहत कार्य ग्रामीणों को रोजगार
ग्राम भेजामैदानी में मनरेगा के तहत ढाई एकड़ भूमि में अगस्त 2017 में पौधारोपण किया गया था, जहां फल और सब्जी  लगाई गई है ।  बता दें  कि यह  भूमि कड़ी मुरम  एवं दीमक से भरी हुई थी। जहां पौधों को जीवित रखना ही बहुत बड़ी चुनौती थी, लेकिन पंचायत ने इस चुनौती को स्वीकार कर ढाई एकड़ में आम, जाम, आंवला, कटहल, चीकू जैसे 40 प्रजाति के फलदार पौधे लगाए ।जो 5 माह में ही पौधों में विकास प्रारंभ हो गया है। कई पौधे पांच फीट से ऊपर हो चुके हैं। कुछ में तो फल भी आने लगे हैं।
 
सरपंच ,सचिव ,ग्रामीणों के साथ पंचों ने की कड़ी मेहनत 
ग्राम पंचायत में रोजगार सहायक का पद  पहले रिक्त  था । जिसे  पंचायत के पंच कृष्णमुरारी यादव ने रोजगार सहायक का पूरा दायित्व बिना पारिश्रमिक के संभाला । उपसरपंच जाकिर मोहमद, पंच प्रेमलता, रूखमणी शेषराम, ज्योति खेमलाल, राकेश, देवप्रसाद, कीर्ति सहित आश्रित ग्राम नवागांव के पंच रीना बारो, फूले एवं रामकुमार नेताम ने इन पौधों को संजोने, जीवित रखने कड़ी मेहनत किया।
 
कंधों पर दूर से पानी लाकर सिंचाई की 
जहां पौधारोपण हुआ है, वहां तकनीकी कारणों से पानी की व्यवस्था पहले नहीं थी ।ग्रामीण  दूर से पानी लाकर पौधों और सब्जी के फसल को पानी देते  थे  ।  उसके बाद भी पंचों व ग्रामीणों ने हार नहीं मानी और साइकिल, कंधों पर पानी ढोकर पौधों को सूखने से बचाया । यहां हट (चबूतरा) का निर्माण कराया है जहां  आगंतुक बैठकर जंगल सफारी जैसा आनंद महसूस कर सकेंगे।
 
 राहगीरों को आकर्षित कर रही उद्यानिकी 
 प्रवेश द्वार को भी आकर्षक तरीके से फलदार पौधों व फूलो से लाइनिंग की है जो देखते ही राहगीरों को आकर्षित कर रहा है। हरियाली एवं सुन्दरता के कारण यह बंजर जमीन लोगों के लिए सैरगाह बन गया है। सरपंच कविता देवप्रसाद यादव ने बताया कि पंचों की मेहनत व ग्रामीणों के सहयोग से बंजर दीमकयुक्त भूमि में पेड़ खड़ा किया गया है। अब इसका विस्तार करने की योजना है जिससे भविष्य में यह पंचायत के आय का बड़ा माध्यम बनेगा। पंचायत ने जितनी ईमानदारी से इस पर मेहनत की है उससे यह अन्य लोगों के लिए उदाहरण बनता जा रहा है। कुछ लोगों ने इस मॉडल को अपने क्षेत्र में बनाने की बात कही है। 
 
फलों व सब्जी से हो रही आय 
पंचायत ने यहां ऐसे फल और सब्जी के उगाए  हैं जो अब आय का माध्यम बन  गया है।बता दे कि यहाँ अभी टमाटर ,फूलगोभी प्याज बरबटी ,पटवा, भाजी, चेच, भाजी, जरी,लाल भाजी, करेला, भिंडी लौकी, धानिय , सरसो, कटहल  व फलों में आम पपीता अनार करोंदा तैयार हैं ।  इस प्रकार बारहों महीने किसी ना किसी फल  या सब्जी से यहां पंचायत को आमदनी होगी जिससे गांव का विकास होगा।

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