सेक्स एंड रिलेशनशिप

सेक्स के दौरान आवाजें निकलने से उत्तेजना बढ़ती है,क्या आपने आजमाया है….

अगर आपने कंगना रनाउत की फिल्म ‘क्वीन’ देखी है तो आपको वह सीन जरूर याद आएगा जब कंगना अकेले हनीमून पर जाती हैं। वह होटल पहुंचते ही बगल के कमरे से कुछ आवाजें सुनती हैं और उन्हें लगता है कि कोई दिक्कत है और उस रूम में झांकने की कोशिश करती हैं।

दरअसल उनके बगल वाले कमरे में कपल सेक्स कर रहा होता है जिसकी आवाजें उन तक पहुंच रही थीं। सेक्स के दौरान आखिरकार आवाजें क्यों निकलती हैं। एक रीडर से जानने की कोशिश की तो कुछ इस तरह का जवाब मिला, ‘अपने हनीमून के दौरान हमें पता ही नहीं चला कि सेक्स के दौरान हमारी आवाजें काफी जोर से निकल रही थीं।

जब हमारे बगल वाले कमरे से एक महिला ने देररात दरवाजा खटखटाकर खैरियत पूछी तो हमें अहसास हुआ कि आवाजें शायद ज्यादा तेज आ रही थीं। हमने जब इस बारे में डिसकस किया तो अहसास हुआ कि सेक्स के दौरान होने वाली अच्छी फीलिंग को एक-दूसरे तक पहुंचाने के लिए हम अपनेआप आवाजें निकाल रहे थे।’

यूनिवर्सिटी आॅफ लैंकशेर और यूनिवर्सिटी आॅफ लीड्स में हुए शोधों के मुताबिक सेक्स के दौरान महिलाएं अक्सर ज्यादा आवाज निकालती हैं। वे ऐसा इसलिए करती हैं ताकि उनके साथी बेहतर आॅर्गजम पा सकें।

18 से 48 साल की 71 सेक्शुअली ऐक्टिव महिलाओं पर किए गए शोध के बाद यह बात सामने आई कि महिलाओं को फोरप्ले और दूसरी गतिविधियों के दौरान आॅर्गजम मिल जाता है और सेक्स के दौरान वह अपने साथी को क्लाइमेक्स पर पहुंचाने के लिए आवाजें निकालती हैं। रिसर्च में 66 फीसदी महिलाओं ने यह बात मानी कि आवाजें निकालने से उनके साथी का इजैकुलेशन जल्दी होता है। वहीं 92 फीसदी ने माना कि आवाजें निकालने से सेक्शुअल गतिविधि के दौरान उनका और उनके पार्टनर का आत्मविश्वास बढ़ता है। वे साथी को बूस्टअप करने के लिए आवाजें निकालते हैं।

बायॉमेडिकल सायंटिस्ट और सेक्सॉलजिस्ट रॉय लेविन ने सेक्स के दौरान आवाज निकालने के पीछे ये 4 वजहें बताई हैं। हम जाने-अनजाने अपने साथी को यह बताते हैं कि जो चल रहा है, हम उसे पसंद कर रहे हैं या फिर उनके ऐक्ट से उन्हें अच्छा लगा, यह जताने के लिए आवाज निकालते हैं।

आवाजें निकालना या साथी की आवाज सुनना उत्तेजना को बढ़ाता है। शोधकर्र्ताओं का मानना है कि सेक्स के दौरान आवाजें निकालकर मिलने वाली खुशी को बढ़ाने के लिए अपनेआप ही आवाजें निकालते हैं। सांयंटिस्ट्स ने इसे हेडॉनिक ऐम्प्लिफिकेशन का नाम दिया।

लेविन ने बताया कि इन आवाजों के पीछ कुछ छिपी हुई वजहें भी हो सकती हैं जैसे, आवाजें हमारी एक्साइटमेंट प्रॉसेस को क्लाइमेक्स के लिए तैयार करती हों।

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