ज्वाइंट डायरेक्टर राजेश श्रीवास्तव की मौत के बाद खड़े हो रहे कई सवाल

कर्मचारी संघ ने की सुरक्षा बढ़ाने की मांग

रायपुर: ट्रेजरी के ज्वाइंट डायरेक्टर राजेश श्रीवास्तव की नागपुर के होटल में संदिग्ध परिस्थिति में लाश मिलने के बाद कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। नागपुर के सीताबर्डी इलाके के एक होटल के कमरे में ज्वाइंट डायरेक्टर की लाश मिलने के बाद कर्मचारी संगठनो में उनकी मौत के कारणों की चर्चा जोरों पर है। परिजनो ने सोशल मीडिया में सूचना वायरल कर ये अपील की थी कि जिन्हें भी राजेश श्रीवास्तव की सूचना मिले, वो तत्काल जानकारी दें। वहीं, 72 घंटे में ट्रेजरी के ज्वाइंट डायरेक्टर की जानकारी तो नहीं आई, लेकिन देर शाम उनकी मौत की खबर ने राजधानी में हड़कंप मचा दिया।

मिली जानकारी के मुताबिक वो कल ही सुबह नागपुर की पुजा लॉज पहुंचे थे, जहां उन्हें 104 नंबर कमरा रहने को दिया गया था। नागपुर पुलिस के मुताबिक लॉज में उन्होंने रायपुर से मार्केटिंग के सिलसिले में नागपुर आना बताया था। उन्होंने अपना पहचान पत्र भी दिया था। कमरे में उनका मोबाइल और 3 हजार रुपए नकद भी मिले हैं। वहीं गले में सोने की चेन, घड़ी समेत अन्य सामान भी सुरक्षित मिला है। इस मामले में सीताबर्डी इलाके में मामला दर्ज कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

बताया जा रहा है कि उनको आठ महीने से वेतन नहीं मिला था और उनको आवास नही मिलने के कारण पिछले कई महीनो से अपनी पत्नी के साथ बैरनबाजार स्थित ट्रांजिट आवास के कमरा नंबर 409 में रह रहे थे। राजेश श्रीवास्तव को शुगर और बीपी की बीमारी होने के कारण उनकी पत्नी साथ में रायपुर में रहती थी। ट्रांजिट आवास के पड़ोसियों की मानें तो मृतक राजेश बहुत ही गुमसुम रहते थे, वे आसपास किसी से ज्यादा बात नहीं करते थे। उनकी पत्नी भी लोगो से ज्यादा बात नहीं करती थी।

एक मार्च को उनकी पत्नी साढ़े 10 बजे इंद्रावती भवन छोड़ने गई थी, सीसीटीवी के मुताबिक दोपहर साढ़े 12 बजे वो इंद्रावती भवन से बाहर जाते दिखाई दिए हैं। लेकिन देर शाम तक जब राजेश श्रीवास्तव घर नहीं पहुंचे तो उनके बेटे और पत्नी ने काफी तलाशने के बाद इसकी जानकारी राखी थाने में दर्ज कराई थी। काफी मशक्कत के बाद पुलिस को राजेश श्रीवास्तव का कुछ भी पता नहीं चला। लेकिन बुधवार देर शाम उनकी नागपुर में लाश मिलने की खबर से राजधानी समेत कर्मचारी संगठनो में हड़कंप मचा गया। इसके बाद कर्मचारी संगठनो ने प्रदेश के तहसील, कलेक्ट्रेट समेत मंत्रालय में कर्मयारियों की सुरक्षा बढ़ाने की मांग के साथ राजेश श्रीवास्तव की मौत की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

गौरतलब है कि उनकी नागपुर में लाश मिलने के बाद वो नागपुर कैसे पहुंचे, वो खुद गए या उनको दबावपुर्वक ले जाया गया? ऐसी क्या मजबूरी थी कि होटल में कमरा लेते समय सरकारी आदमी न बताकर मार्केटिंग का आदमी बताया? ऐसे कई अनसुलझे सवाल खड़े हो रहे हैं, जिनके जवाब पुलिस जांच के बाद सामने आ सकते हैं। फिलहाल नागपुर पहुंची राखी थाना पुलिस ने शव की राजेश श्रीवास्तव के रूप में की है और पोस्टमार्टम के बाद उनके परिजनो को शव सौंप दिया है। .

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