माइग्रेन जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है वास्तुदोष के कारण, निवारण के है ये टिप्स

अगर बात माइग्रेन जैसी गंभीर बीमारी की करें तो इनका संबंध भी वास्तुदोष से जुड़ा होता है।

वास्तु के अनुसार घर की गलत दिशा में रखी चीजें सिर्फ धन हानि का ही कारण नहीं बनती बल्कि इसका असर हेल्थ पर भी होता है।

अगर बात माइग्रेन जैसी गंभीर बीमारी की करें तो इनका संबंध भी वास्तुदोष से जुड़ा होता है।

जी हां, जाने अनजाने में आप सजावट से जुड़ी कुछ ऐसी गलतियां कर देते हैं, जोकि माइग्रेन दर्द का कारण बन जाता है। चलिए जानते हैं कि माइग्रेन और वास्तु में क्या संबंध और इसे कैसे दूर किया जाए।

माइग्रेन का कारण

शरीर में भोजन सही तरीके से ना पचने पर एक अम्ल (acid) का निर्माण होता है, जो सिर में अपनी जगह बना लेता है।

इस डेली प्रोसेस में सिर के उस हिस्से की नसें कमजोर हो जाती है और शरीर में बढ़ता यह एसिड लेवल धीरे-धीरे भयंकर सिरदर्द का रूप ले लेता है।

माइग्रेन और वास्तु का संबंध

वास्तु में घर को बीमारियों के हिसाब से 3 भागों में बांटा है वात, कफ और पित्त। वहीं माइग्रेन का कारण है एसिड यानि पित।

घर में पूर्व से लेकर दक्षिण पश्चिम से लेकर दक्षिण तक का एरिया पित्त जोन में आता है। एसिड के लिए दक्षिण पश्चिम या दक्षिण में बैठकर खाना, उधर खाने का सामान रखना, पूजा स्थान होना, शरीर में पित्त के लेवल को बढ़ाता है।

इसके साथ ही अगर उत्तर पूर्व दिशा में लाल और गुलाबी रंग किया जाए तो वह माइग्रेन का कारण बन सकता है।

माइग्रेन से छुटकारा पाने के घरेलू इलाज

उत्तर पूर्व दिशा में ना करवाएं लाल रंग

अगर आप चाहते हैं कि माइग्रेन दर्द ना हो तो उत्तर पूर्व दिशा में लाल या गुलाबी रंग ना करवाएं। इसकी बजाए पेस्टल, नीला या कोई लाइट रंग करवाएं, जिससे आंखों को ठंडक मिलें।

खिड़कियों और रोशनदान को करवाएं सही

खिड़कियों व रोशनदान पर लगे शीशे अगर टूट गए हैं तो उन्‍हें तुरंत ठीक करवाएं, ताकि घर में शुद्ध हवा व रोशनी आए। इससे दिमाग तरोताजा रहेगा और आपको माइग्रेन की शिकायत नहीं होती।

सही दिशा में रखे खाने की चीजें

दक्षिण पश्चिम या दक्षिण में खाने की कोई भी चीज ना रखें। इसके अलावा दक्षिण पश्चिम या दक्षिण को साफ-सुथरा और ठीक से रखें, ताकि परिवार के लोगों का इम्यून सिस्टम ठीक रहे।

धूल-मिट्टी को करें साफ

वास्तु के अनुसार घर में धूल मिट्टी सिर्फ दरिद्रता ही नहीं फैलाती बल्कि यह माइग्रेन दर्द का कारण भी बन सकती है। ऐसे में जरूरी है कि आप घर व खिड़कियों की नियमित रूप से साफ-सफाई करते रहें।

घर के कोनों में ना लगे हों जालें

हफ्ते में एक बार घर के कोनों की साफ-सफाई करना ना भूलें। इससे मानसिक तनाव बढ़ता है, जिससे आप मामलू सिरदर्द के साथ माइग्रेन व तनाव जैसी समस्याएं भी हो सकती है।

घर का केंद्र रखें साफ

पेट शरीर का केंद्र होता है और घर का केंद्र इसे प्रभावित करता है। ऐसे में घर का केंद्र खाली और साफ रखना बहुत जरूरी है।

अगर घर के केंद्र में जनरेटर, इन्वर्टर, सीढियां या टॉयलेट है तो इससे माइग्रेन दर्द के साथ पेट से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं।

घर में लगाएं तुलसी का पौधा

तुलसी का पौधा स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है इसलिए वास्तु के अनुसार इस पौधे को लगाना शुभ माना गया है। ऐसा माना गया है कि जिस घर में तुलसी का पौधा होता है, उस घर के लोग बीमारियों से हमेशा दूर रहते है।

खुशबू से महकाएं घर

अगर आप अक्सर माइग्रेन दर्द से परेशान रहते हैं तो घर को चमेली, रोजमेरी, रोजवुड की खूशबू से महकाएं। वास्तु के अनुसार, इससे घर में सुख-समृद्धि भी बनी रहती है।

सही दिशा में सोएं

वास्तुशास्त्र के अनुसार सोते समय सिर उत्तर और पैर दक्षिण दिशा में होना अच्छा नहीं माना गया है।

इस स्थिति में सोने न केवल नींद कम आने की शिकायत होती है बल्कि यह माइग्रेन का कारण भी बनती है। ऐसे में अच्छा होगा कि आप इसकी विपरीत दिशा में सोएं।

घर में रखें क्रिस्टल बॉल और सूर्य की पेंटिंग

चीनी वास्तुशास्त्र के अनुसार क्रिस्टल बॉल और सूर्य की पेंटिंग घर की नेगेटिव एनर्जी को से दूर करती है, जिसका अच्छा असर सेहत पर भी पड़ता है।

ऐसे में अगर आप भी माइग्रेन की समस्या से परेशान है तो घर में सूर्य की पेंटिंग जरूर लगाएं।

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