कभी लड़कों का रोल करती थीं शबाना आजमी, ‘बच्चन’ की वजह से बनीं एक्ट्रेस

नई दिल्ली: बॉलीवुड एक्ट्रेस शबाना आजमी, इंडस्ट्री का एक जाना पहचाना नाम हैं और वह पिछले 4 दशक से इंडस्ट्री में सक्रिय हैं, लेकिन एक्टिंग के उनके करियर की शुरुआत थिएटर से हुई थी.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब वह गर्ल्स स्कूल में थी तब उनकी पर्सनैलिटी के कारण उन्हें लड़कों के किरदार दिए जाते थे.

इतना ही नहीं उन्होंने अपने कॉलेज के सीनियर फारुख शेख के साथ मिल कर मुंबई के सेंट जेवियर कॉलेट में हिंदी नाट्य मंच की शुरुआत की थी.

इसके लिए उन्हें कॉलेज की तरफ से कोई सपोर्ट नहीं मिला. शबाना और उनके साथी मिल कर इसका खर्च उठाते थे. बता दें कि आज शबाना अपना 67वां जन्मदिन मना रही हैं.

अपना नाट्य मंच शुरू करने के बाद जब इसे हर साल अवॉर्ड मिलने लगे तो शबाना अपने कॉलेज के प्रशासन के पास गईं और उन्होंने प्रशासन से अपने नाट्य मंच की आर्थिक सहायता के लिए बात की, लेकिन प्रशासन ने मदद के तौर पर केवल 10 रुपए दिए.

इसे देख शबाना को काफी गुस्सा आ गया और उन्होंने प्रशासन को 10 रुपए लौटाते हुए कहा कि यह हमारी तरफ से कॉलेज डॉनेशन समझ कर रख लो.

नाट्य मंच के लिए काम करने के दौरान ही शबाना ने फिल्म एंड टेलिविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कुछ डिप्लोमा फिल्में देखीं.

इनमें से एक फिल्म थी ‘सुमन’ जिसमें जया बच्चन के किरदार को देख वह काफी प्रभावित हुईं थी और इसके बाद उन्होंने फैसला किया कि वह एक्टिंग में ही अपना करियर बनाएंगी.

रिपोर्ट्स के मुताबिक अपने इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने एफटीआईआई पुणे जाने का फैसला किया और

उन्होंने इसके बारे में अपने अब्बा को बताया तो उन्होंने कहा, ‘आप अगर मोची भी बनना चाहें तो भी मुझे कोई एतराज नहीं, लेकिन शर्त यह है कि आपको सबसे बेहतरीन मोची बनना होगा’.

इसके बाद शबाना को एफटीआईआई में बेस्ट स्टूडेंट की स्कोलरशिप मिल गई और शबाना ने स्टूडेंट रहते-रहते ही 2 फिल्में साइन कर लीं.

इसके बाद उन्होंने अपनी पढ़ाई खत्म करते ही इन फिल्मों की शूटिंग शुरू कर दी. इनमें से एक थी ख्वाजा अहमद अब्बास की फिल्म ‘फासला’ और दूसरी थी कांतिलाल राठौर की ‘परिणय’.

 

इसके बाद उन्होंने 1984 में जावेद अख्तर से शादी करली थी. बता दें कि जावेद अख्तर की यह दूसरी शादी थी.

जावेद ने शबाना से शादी करने के लिए अपनी पत्नी को तलाक दे दिया था और इसके बाद दोनों ने 1984 में एक दूसरे से शादी करली.

शबाना आजमी को 3 बार नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है और वह लगातार 3 साल तक नेशनल अवॉर्ड जीत चुकी हैं.

उन्हें 1983 से 1985 तक फिल्म ‘अर्थ’, ‘कंधार’ और ‘पार’ के लिए नेशनल अवॉर्ड मिले हैं. इसके अलावा उन्हें 1999 में फिल्म गॉडमदर का नेशनल अवॉर्ड भी मिला.

इन फिल्मों के अलावा, शबाना और भी बहुत सी फिल्मों में अहम भूमिकाओं में नजर आ चुकी हैं.

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