दंतेवाड़ा में हुई घटना में ड्यूटी के दौरान सुरक्षा फोर्स में पदस्थ बालोद का जवान हुआ शहीद

आज राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा अंतिम संस्कार

बालोद। बस्तर में मतदान के ठीक 24 घँटे पूर्व नक्सलियों ने फिर एक कायराना हरकत कर घटना को अंजाम दिया हैं। जिसमें बस्तर क्षेत्र से इकलौते भाजपा विधायक भीमाराम मंडावी सहित 5 जवान की मौत हो गई। कड़ी फोर्स के बीच मतदान का दावों ने सुरक्षा इंतज़ाम के सारी पोल खोल कर रख दी हैं।

मंगलवार को दंतेवाड़ा के नकुलनार के पास बारूदी सुरंग में विस्फोट करके नक्सलियों ने भाजपा विधायक भीमा मंडावी की हत्या कर दी। घटना में सुरक्षा ड्यूटी में तैनात 5 जवान भी शहीद हुए। इन जवानों में से एक जवान छगन कुलदीप (38) बालोद जिले के ग्राम नर्रा का रहने वाला था। जो लगभग 18 साल से दंतेवाड़ा क्षेत्र में ही नौकरी करते हुए अपनी पत्नी बच्चों सहित वहीं रह रहे थे।

बालोद विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम नर्रा में उनके पिता हीरा सिंग व छोटा भाई भरत, मां लक्ष्मी बाई रहते हैं। वे मध्यम परिवार से हैं। खेती किसानी करते हैं। भरत मिस्त्री का काम करता है। शहीद छगन कुलदीप दंतेवाड़ा में अपनी पत्नी दीनू व दो बच्चे बेटा शाहिल, बेटी बेबो के साथ रहते थे। साहिल दूसरी कक्षा और बेबो पहली कक्षा में है। बता दे कि घटना के वक्त कुलदीप छगन विधायक भीमा मंडावी के साथ ही उन्हें सुरक्षा देते लौट रहे थे और हमला हो गया।

कुलदीप छगन टीआई रैंक के जवान थे, पहले वे दंतेवाड़ा में ही पदस्थ रहे। छगन के दोस्त बीएसएफ के जवान पवन कुमार साहू निवासी नर्रा ने बताया 2001-02 से छगन की ज्वाइनिंग हुई थी। नर्रा के सेवन कुमार ने बताया कि पवन कभी कभार ही गांव आता था। वे अपने परिवार के साथ दंतेवाड़ा में रहते थे।

आज बुधवार को करीबन 1 बजे शहीद छगन कुलदीप का पार्थिव शरीर हेलिकॉप्टर के जरिए बालोद लाया जावेगा। जिसके बाद पुलिस बल वाहन से ग्राम नर्रा लाया जाएगा। जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ शहीद छगन कुलदीप का अंतिम संस्कार किया जाएगा। ड्यूटी के दौरान शहीद हुए छगन कुलदीप की मौत की खबर से ग्राम नर्रा में सन्नाटा पसर गया हैं।

Back to top button