शाहजहां के दस्तखत वाले दस्तावेज नहीं दिखा पाया वक्फ़ बोर्ड

ताजमहल के मालिकाना हक पर सुप्रीम कोर्ट में जारी है सुनवाई

नई दिल्ली। ताजमहल पर मालिकाना हक के मामले की सुनवाई आज सुप्रीम कोर्ट में की गई। इससे पहले की सुनवाई में शीर्ष अदालत ने ताज पर मालिकाना हक जताने वाले उत्तर प्रदेश के सुन्नी वक़्फ बोर्ड को सबूतों का दस्तावेज पेश करने को कहा था लेकिन बोर्ड आज अदालत के समक्ष मालिकाना हक का दस्तावेज नहीं पेश कर पाया। वक़्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट मे कहा कि ताजमहल की देखरेख एएसआई करता रहे उसे आपत्ति नहीं है लेकिन, उस पर हक वक़्फ बोर्ड का रहे और नमाज का हक बना रहे।कोर्ट ने बोर्ड से कहा कि वो इस बारे मे एएसआई से बात करें।

कोर्ट ने एएसआई से कहा कि वो बोर्ड की मालिकाना हक की दावेदारी के बगैर उसके सुझाव पर विचार करे। वहीं इस पर एएसआई ने कहा कि उसे इस बारे मे निर्देश लेने होंगे। व़क्फ की ओर से आज दलील दी गई कि जो संपत्ति वक़्फ कर दी जाती है वो अल्लाह की हो जाती है। कोर्ट की टिप्पणी थी कि वक़्फ बोर्ड ट्रिब्युनल का ताजमहल को वक़्फ संपत्ति घोषित करने का आदेश दिक़्कत पैदा कर रहा है। इस मामले मे एएसआई ने वक़्फ बोर्ड ट्रिब्युनल के आदेश को सुप्रीम कोर्ट मे चुनौती दी है। कोर्ट में यह मामला 2010 से लंबित है।

बता दें कि कुछ दिनों पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में साफ लहजे में कहा था कि “देश में ये कौन विश्वास करेगा कि ताजमहल वक़्फ बोर्ड की संपत्ति है। इस तरह के मामलों से सुप्रीम कोर्ट का समय जाया नहीं करना चाहिए।” अरक की याचिका की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्पणी की थी। आपको बता दें कि अरक ने 2005 के उत्तर प्रदेश सुन्नी वक़्फ बोर्ड के फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें बोर्ड ने ताजमहल को वक़्फ बोर्ड के संपत्ति घोषित कर दी थी।

कोर्ट ने ये दी थी दलील : सुप्रीम कोर्ट ने उस समय अपनी सुनवाई के दौरान कहा कि मुगलकाल के अंत होने के साथ ही ताजमहल समेत अन्य ऐितहासिक इमारतें अंग्रेजों को हस्तांतरित हो गई थी। लेकिन आजादी के बाद से यह स्मारक भारत सरकार के पास है और एएसआई इसकी देखभाल कर रहा है। बोर्ड की ओर से ये दलील दी गई कि बोर्ड के पक्ष में शाहजहां ने ही ताजमहल का वक्फनामा तैयार करवाया था। इस पर बेंच ने तुरंत कहा कि आप हमें शाहजहां के दस्तखत वाले दस्तावेज दिखा दें। बोर्ड के आग्रह पर सबूत पेश करने के लिए कोर्ट ने एक हफ्ते की मोहलत दी थी।

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