शर्मनाक, अस्पताल कर्मचारियों डेड बॉडी को रखा टॉयलेट में

रायपुर: सरकार अक्सर ना केवल स्वास्थ्य सेवा की बेहतरी के दावे करती है, बल्कि आम लोगों को सस्ता और सुलभ स्वास्थ्य सेवा मुहैया कराने के लिए आधारभूत संरचना पर जोर देती हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ की एक घटना आपको सोचने को मजबूर कर देगी कि क्या वाकई सरकार अपने वादों पर कायम है |

छत्तीसगढ़ के जशपुर में जहर पीने की वजह से एक शख्स की मौत हो गई। मृतक के शरीर को प्राथमिक हेल्थ सेंटर के कर्मचारियों ने टॉयलेट में रखवा दिया। मृतक के परिजनों का कहना है कि डॉक्टर के न होने की वजह से बॉडी को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा जा सका।

प्राइमरी हेल्थ सेंटर के डॉक्टर सुनील लाक्रा ने कहा कि मौजूदा समय में अस्पताल में मृत शरीर को रखने की व्यवस्था नहीं है। टॉयलेट में बॉडी रखने को किसी भी सूरत में जाएज नहीं ठहराया जा सकता है। लेकिन कोई विकल्प भी नहीं है। बॉडी को जल्द से जल्द शिफ्ट कराने का इंतजाम किया जा रहा है।

इसके साथ ही हैदराबाद से डॉक्टरों की लापरवाही का मामला सामने आया। प्रथिमा अस्पताल में चार साल के मासूम को टॉन्सिल की दिक्कत की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया। लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

मासूम के परिजनों का कहना है कि डॉक्टरों की तरफ से लापरवाही बरती गई जिसकी वजह से उनका बच्चा नहीं बच सका। इस मामले में पुलिस केस दर्ज कर जांत कर रही है।</>

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