छत्तीसगढ़

पर्यावरण नियमो की धज्जिया उड़ाते नगरवासियों में बिमारी बाँट रहा शारदा राइसमिल

रवि सेन बागबाहरा:

बागबाहरा: वायुमंडल में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए जहाँ एक ओर प्रशासन प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों एवम फैक्ट्रियों पर नकेल कसने में लगी है । NGT (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) द्वारा भी प्रदूषण फैलाने वाले फैक्ट्रियों पर शिकंजा कस रही है।

लेकिन बागबाहरा नगर में स्थित शारदा राइसमिल धड़ल्ले से नगर के लोगो को बीमारिया बांट रही है। बागबाहरा नगर के बीचो-बीच शारदा राइसमिल के जले राखड़ एवम बदबूदार पानी की वजह से वार्डवासी परेशान है।

कुछ देर के लिए अगर घरों के खिड़कियों एवम दरवाजो के पट खोले जाने पर घरों में रखे बर्तनों पर जली हुई राखड़ की मोटी एवम काली परत जम जाती है। कई बार तो इन राखड़ो की वजह से घर में बनाया भोजन भी खराब हो जाता है।

सबसे ज्यादा समस्या तो तब होती है जब राइसमिल से निकलने वाला पानी की बदबू पूरे वार्ड में फैल जाती है एवम जले हुए राखड़ के कण नलों एवं कुओं के पानी से होता है तब पीने के पानी के लिए वार्ड वासियो को दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ता है।

राइसमिल से उड़ने वाली राखड़ एवम प्रदूषित धुंए की वजह से नगरवासियों कई प्रकार की बीमारियों की चपेट में आ रहे है।

NGT(नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के नियमो को ठेंगा दिखाता राइसमिलर

पर्यावरण प्रदूषण के लिए गंभीर NGT (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) के निर्देशानुसार कोई भी राइसमिल या उद्योग रहवासी इलाके में संचालित नही कर सकता है। पहले से लगा कोई उद्योग हो तो भी उसे शहर से बाहर किया जाएगा।

बागबाहरा नगर के शारदा राइसमिल संचालक दिलीप अग्रवाल द्वारा NGT एवम पर्यावरण संरक्षण अधिनियम को ठेंगा दिखाते हुए आज भी यह राइसमिल संचालित हो रहा है और पूरे नगर को बीमारी बांट रहा है।

नगरवासियों की शिकायत के बाद भी अभी तक इस राइसमिल का संचालन होना अधिकारियों की मिलीभगत को दर्शाता है ।

ये है वार्डवासियों की समस्या

नगर के बीचोबीच स्थित राइसमिल होने के कारण ये प्रमुख समस्याएं है जिनसे वार्ड वासियो को काफी वर्षो से जूझना पड़ रहा है।

1. राइस मिल से निकलने वाले जले हुए राखड़ के कण से प्रदूषण फैलाने।

2. बदबूदार पानी की वजह से के प्रकार के बिमारियो से जूझना।

3.राइसमिल के आवाज से बच्चों एवम बुजुर्गों को कान संबंधित बीमारियों से जूझना।

4 .राइसमिल गली में होने की वजह से आवाजाही में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता आये दिन घंटो जाम लगा रहता है।

राइसमिल के प्रदूषण से हो सकती है ये बीमारियां

राइस मिल से निकलने वाले राखड़ की वजह से आँख से समन्धित बीमारिया होती है।

राइस मिल के गंदे पानी से मच्छरों एवं मख्खियों से बीमारिया होती है वही राइसमिल से निकलने वाले धुंए से भी बीमारिया होती है ।

किसी भी प्रकार के राइसमिल से निकलने वाले धुंए, राखड़, पानी से आखों की बीमारी, अस्थमा, स्वास की बीमारी सहित अन्य कई प्रकार की बीमारिया फैलती है। : डॉ आर. के. कुरुवंशी (बीएमओ बागबाहरा)

मेरे द्वारा राइसमिल जाकर निरीक्षण किया गया है वाटर फिल्टर प्लांट का उपयोग नही हो रहा है, पर्यावरण विभाग द्वारा राइसमिल से हो रहे प्रदूषण को लेकर कार्यवाही करेंगे । : गौर सिंग जात्रे (खाद्य निरीक्षक)

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