छत्तीसगढ़

शास्त्री अस्पताल में शासन के आदेशों की उड़ाई जा रही धज्जियां

भिलाई : स्थानीय शास्त्री अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग के आदेश की धज्जियां उड़ाई जा रही है। अस्पताल में फार्मासिस्ट के बजाए नर्सो की ड्यूटी दवाई बांटने के लिए लगा दी है। जबकि शासन का आदेश है कि प्रदेश भर के सरकारी अस्पताल में नर्स इंजेक्शन लगाएंगी और फार्मासिस्ट दवाई बांटेंगे। विभाग के अधिकारी आदेश का पालन नहीं कर रहे हैं। शास्त्री अस्पताल की तरह ही कुछ समय पहले जिला अस्पताल में भी वार्ड ब्वाय से दवाइयां बंटवाई जा रही थी, तब संयुक्त संचालक स्वास्थ्य विभाग ने 27 अक्टूबर को दुर्ग जिला स्वास्थ्य विभाग सहित जिला अस्पताल, शास्त्री अस्पताल सुपेला सहित अन्य सरकारी अस्पतालों को निर्देश जारी कर वार्ड ब्वाय से दवाइयां न बंटवाने की बात कही थी। यह काम फार्मासिस्ट का है और वे ही इसे अंजाम देंगे। नर्से केवल इंजेक्शन लगाएंगी, लेकिन शास्त्री अस्पताल सुपेला में इसका पालन नहीं किया जा रहा है।
शास्त्री अस्पताल सुपेला में अव्यवस्था फैली हुई है। मरीजों को ओपीडी से लेकर चेकअप कराने और दवाई लेने तक जूझना पड़ता है। अस्पताल में प्रर्याप्त मात्रा में स्टाफ नहीं है। इस वजह से यहां के स्टाफ मनमर्जी से ड्यूटी करते हैं। जबकि यहां नियम से सभी की ड्यूटी बारी-बारी से तीनों पालियों में लगनी चाहिए।
जिला अस्पताल दुर्ग व शास्त्री अस्पताल सुपेला के सिविल सर्जन डा.केके जैन ने कहा कि फार्मासिस्ट की ड्यूटी सुबह पाली में ही लगती है। वे दोपहर और रात में ड्यूटी नहीं करते है। इसलिए उन सबकी ड्यूटी सुबह पाली में ही लगाई जाती है। वे दवाइयां बांटते है और हिसाब आदि करते हैं। इसके बाद उनकी ड्यूटी खत्म हो जाती है। इसलिए नर्सो की ड्यूटी लगाई गई है। नर्सों को इसका ज्ञान होता है। हम व्यवस्था बनाने की कोशिश में लगे हैं।

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