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शेल्टर होम कांड : सुप्रीम कोर्ट ने ली संज्ञान, मीडिया न करें पीड़िता से बात

बता दें कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड में 42 बच्चियों में से अब तक 34 बच्चियों के साथ बलात्कार की पुष्टि हुई है।

नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी अदालत ने बिहार के मुजफ्फरपुर के बालिका गृह में बच्चियों के साथ हुए बलात्कार के मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुई सख्ती दिखाई है।

मुजफ्फरपुर के शेल्टर होम कांड ने पूरे देश को झंकझोर कर रख दिया है। इस पूरे कांड की जांच सीबीआई कर रही है और इस मामले में मुजफ्फरपुर स्थित साहू रोड में बालिका आश्रय गृह के अधिकारियों और कर्मचारियों को आरोपी बनाया गया है।

बता दें कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह रेप कांड में 42 बच्चियों में से अब तक 34 बच्चियों के साथ बलात्कार की पुष्टि हुई है। इस बीच पूरे मामले का सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है।

जानकारी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में बिहार की नीतीश कुमार सरकार के अलावा TISS, राष्ट्रीय बल अधिकार संरक्षण आयोग और केंद्रीय महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

मामले में अगली सुनवाई 7 अगस्त को होगी। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा है कि मीडिया पीड़ित बच्चियों से सवाल-जवाब ना करे।

अपने आदेश में कोर्ट ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से साफ शब्दों में कहा है कि वो ना तो पीड़ित बच्चियों के इंटरव्यू ले और न ही उनकी धुंधली तस्वीर भी टीवी पर दिखाएं।

मालूम हो कि मुजफ्फरपुर के बालिका आवास गृह में बच्चियों के यौन शोषण का मामला सामने आया था जिसके बाद शुरू जांच में खुलासा हुआ कि वहां कि बालिका गृह की 42 में से 34 बच्चियों से बलात्कार हुआ था।

पीएमसीएमच की जांच रिपोर्ट के मुताबिक पहले 29 बच्चियों से रेप की बात कही जा रही थी। इसके बाद यह मामला संसद में भी गूंजा था और मुख्यमंत्री ने इसकी जांच सीबीई को सौंपा था।

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