ठंड में शॉल ओढ़े पैदल चलते हुए लोगों से मिलें पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान

जहां भी चूक होगी हम उसकी आवाज उठाएंगे और जरूरत पड़ी तो संघर्ष करेंगे।

पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान अपने निजी सहायक नीरज वशिष्ठ के साथ शनिवार रात सुल्तानिया अस्पताल स्थित रैन बसेरा पहुंचे।

उन्होंने यहां मौजूद रजिस्टर चैक कर व्यवस्था की जानकारी ली और लोगों से बातचीत कर उनके हाल जाने।

वे न्यू मार्केट स्थित रैन बसेरा भी पहुंचे, लेकिन निगम को इसकी जानकारी तक नहीं मिली। कड़कड़ाती ठंड में शॉल ओढ़े पैदल चलते हुए लोगों से मिल रहे थे।

शिवराज ने कहा कि दीन-दुखियों की सेवा ही मेरे जीवन का लक्ष्य है। भोपाल में गरीब-बेसहारा के लिए स्थापित रैन बसेरे में पहुंचकर कुशलक्षेम पूछी और इंतजामों से रूबरू हुआ।

हमारी नजर गरीब कल्याण की योजनाओं और व्यवस्थाओं पर है। जहां भी चूक होगी हम उसकी आवाज उठाएंगे और जरूरत पड़ी तो संघर्ष करेंगे।

उन्होंने अपने ट्वीट में यह भी लिखा कि रैनबसेरों में जो अपनापन, स्नेह और आशीर्वाद मिलता है, उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकते। अद्भुत अविस्मरणीय प्रेम है आप लोगों का, इसके लिए हृदय से आभार।

दीन-दुखियों की सेवा ही मेरे जीवन का लक्ष्य है। भोपाल में गरीब-बेसहारा के लिए स्थापित रैन बसेरे में आज रात पहुंचकर कुशलक्षेम पूछी और इंतजामों से रूबरू हुआ।

हमारी नजर गरीब कल्याण की योजनाओं और व्यवस्थाओं पर है। जहां भी चूक होगी हम उसकी आवाज उठाएंगे और जरूरत पड़ी तो संघर्ष करेंगे।

रैनबसेरों में जो अपनापन, स्नेह और आशीर्वाद मिलता है, उसे शब्दों में बयां नहीं कर सकते। अद्भुत अविस्मरणीय प्रेम है आप लोगों का, इसके लिए हृदय से आभार।

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