शिखर सम्मेलन में उद्योगपतियों ने साझा किए अनुभव

आईआईएम रायपुर ने नेतृत्व शिखर सम्मेलन-2017 के दूसरे संस्करण के अंतिम दिन की मेजबानी

रायपुर: आईआईएम रायपुर ने नेतृत्व शिखर सम्मेलन-2017 के दूसरे संस्करण के अंतिम दिन की मेजबानी की। उद्योगपतियों उद्योग में निर्णय लेने, प्रौद्योगिकी और नवाचारों के बारे में अपने विचारों और अनुभवों को साझा करते संस्थान ने ज्ञान साझा करने की प्रक्रिया को जारी रखा।

लीडरशिप शिखर सम्मेलन 23 सितंबर को शुरू हुआ, उद्योग के दिग्गजों ने उद्योग के वास्तविक समय की चुनौतियों के लिए भविष्य के प्रबंधकों को बेहतर तरीके से तैयार करने के लिए अपने दृष्टिकोण को साझा किया। छात्रों से प्रबंधकीय स्नातकों से उनकी उम्मीदों के साथ साझा करना, पेशेवरों ने कॉर्पोरेट जगत के कामकाज की गतिशीलता के साथ ही उद्यमी पारिस्थितिक तंत्र परबहुमूल्य अंतर्दृष्टि प्रदान की।

सम्मेलन में भारतीय व्यवसायों की सफलता जैसे विषयों, परिप्रेक्ष्य और चुनौतियां, नए प्रबंधकों और स्केलेबिलिटी के प्रारंभिक वर्षों पर पैनल चर्चा कॉरपोरेट क्षेत्र से प्रतिष्ठित व्यक्तित्व के विभिन्न राय और दृष्टिकोण को सामने लाया गया। नेतृत्व और सामाजिक-आर्थिक समृद्धि के विषय पर चलते, दिनभर चलने वाली पैनल चर्चाओं ने वैश्विक स्तर पर उद्योग में नवाचार और चुनौतियों साथ ही भारत में भी इसकी प्रासंगिकता पर छात्रों को प्रबुद्ध किया।

पैनल चर्चा में प्रो. समर सिंह की ओर से संचालित इंडियन इंडस्ट्रीज की स्केलेबिलिटी एंड सस्टेनेबिलिटी चैलेंजस विषय पर। अभय कपूर हेड एचआर (उत्तर भारत) अमेज़ॅन, ने शुरूआती उद्योग आज कैसे खड़ा है इस पर अपनी अंतर्दृष्टि के साथ चर्चा शुरू की। उन्होंने स्टार्ट-अप में कर्मचारी को बढ़ाने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। वार्तालाप को बोस्टन स्ट्रेटेजस, यूएसए के मुल्य विपणन अधिकारी अमित शर्मा ने आगे बढ़ाया और बताया कि किस तरह स्केलेबिलिटी की अवधारणा कितन विविध है और स्थिरता प्राप्त करने के लिए कितने विविध तरीकों को लागू करने की जरूरत है।

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