छत्तीसगढ़

अनशन पर शिक्षाकर्मी, सरकार और कांग्रेस आमने सामने

रायपुर : छत्तीसगढ़ में 20 नवंबर से जारी शिक्षाकर्मियों की हड़ताल का आज दसवां दिन है . बुधवार से शिक्षाकर्मियों ने 3 दिन की क्रमिक अनशन शुरू कर दी है. शिक्षाकर्मियों के उग्र होते आंदोलन के मद्देनज़र प्रशासन ने भी नया पैंतरा फेंका है. रायपुर जिले के 62 स्कूलों में नई पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं.

जिला पंचायत सीईओ ने आदेश जारीकिया है, जिसके मुताबिक जो शिक्षाकर्मी हड़ताल पर नहीं है, उन्हें इसका लाभ मिलेगा. इसके लिए 30 नवंबर तक आवेदन मांगा गया है.भाजपा प्रदेश अध्यक्ष धर्मलाल कौशिक ने शिक्षाकर्मियों को यह कहते हुए काम पर लौटने का निवेदन किया कि वे बच्चों को पढ़ते हुए भी अपनी मांगे जारी रख सकते है।

वहीँ दूसरी तरफ कांग्रेस भी शिक्षाकर्मियों के समर्थन में मजबूती के साथ खड़ी हो गयी है। शिक्षाकर्मियों के मांगों व आंदोलन को गंभीरता से लेते हुये छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने निर्देश दिया है कि नगरीय निकायों, जिला एवं जनपद पंचायतों के माध्यम से शिक्षाकर्मियों के खिलाफ बर्खास्तगी सहित अन्य प्रस्ताव राज्य सरकार को प्रेषित नहीं किये जाये। इधर बस्तर कलेक्टर ने वन विभाग को एक आदेश जारी किया है, जिसमें स्कूलों में जाकर पढ़ाने को कहा गया है.

शिक्षाकर्मी काम पर लौट जाये : कौशिक

धरमलाल कौशिक ने कहा है कि वो इंतजार कर रहे हैं कि शिक्षाकर्मी काम पर लौट जाये। रायपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिक्षाकर्मियों के मुद्दे पर धरमलाल कौशिश ने कहा कि “हम इंतजार कर रहे हैं कि शिक्षाकर्मी काम पर लौटे, शिक्षाकर्मी अपनी मांग जारी रखें, लेकिन हड़ताल के साथ नहीं, वो स्कूलों में बच्चों को पढ़ाते भी रहें” बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिश ने कहा कि शिक्षाकर्मियों की हड़ताल की वजह से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

बघेल बोले सरकार को प्रस्ताव प्रेषित न करे पंचायत

अब कांग्रेस भी शिक्षाकर्मियों के समर्थन में मजबूती के साथ खड़ी हो गयी है। शिक्षाकर्मियों के मांगों व आंदोलन को गंभीरता से लेते हुये छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने निर्देश दिया है कि नगरीय निकायों, जिला एवं जनपद पंचायतों के माध्यम से शिक्षाकर्मियों के खिलाफ बर्खास्तगी सहित अन्य प्रस्ताव राज्य सरकार को प्रेषित नहीं किये जाये।

कांग्रेस के समस्त जिला एवं जनपद पंचायत के अध्यक्षों, नगरीय निकायों के अध्यक्षों और समस्त महापौरों से कहा गया है कि राज्य के शिक्षाकर्मियों की हित को ध्यान में रखते हुये प्रशासनिक स्तर पर बर्खास्तगी संबंधी कोई भी प्रस्ताव राज्य सरकार को नहीं भेजे जाये। इस बाबत सभी जिला जनपद और नगर निगमों के महापौरों को पत्र भी जारी कर दिया गया है।

हालांकि इससे पहले भी पीसीसी चीफ भूपेश बघेल शिक्षाकर्मियों के मांगों का समर्थन कर चुके हैं। भूपेश बघेल ने शिक्षाकर्मियों की मांगों का समर्थन तो किया ही है. साथ ही साथ ये भरोसा भी दिलाया है कि अगर शिक्षाकर्मियों की संविलियन की मांगों बीजेपी सरकार पूरा नहीं करती है तो कांग्रेस अपने कार्यकाल में शिक्षाकर्मियों के पक्ष में फैसला लेते हुए उनका तुरंत संविलियन करेगी।

धरनास्थल पर शिक्षाकर्मी को पैरालिसिस का अटैक

कांकेर के  भानुप्रतापपुर में धरनास्थल पर एक शिक्षक को पैरालिसिस का अटैक आ गया. इससे बाकी शिक्षाकर्मियों में हलचल मच गई. पीड़ित शिक्षक का नाम आशाराम चंद्रवंशी है. ये धरनास्थल पर हड़ताल पर बैठा हुआ था, तभी उसे अचानक पैरालिसिस का अटैक आ गया. आनन-फानन में उसे भानुप्रतापपुर के प्राथमिक चिकित्सालय में ले जाया गया.

चार और शिक्षाकर्मी बर्खास्त

आज रायपुर में फिर चार शिक्षाकर्मियों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई की गयी। रायपुर जिला पंचायत सीईओ नीलेश क्षीरसागर ने देर दो शिक्षाकर्मियों की बर्खास्तगी का आदेश जारी किया। आरंग विकासखंड के टीकाराम साहू व्याख्याता पंचायत शायकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गुजरा और आरंग विकासखंड के शिक्षक पंचायत सुनील कुमार चंद्राकर शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला तांदूला को भी बर्खास्त कर दिया गया । वहीं धरसींवा जनपद पंचायत सीईओ की तरफ से भी दो शासकीय प्राथमिक शाला डूंडा के सहायक शिक्षक पंचायत आयुष पिल्लै और शासकीय प्राथमिक शाला रैता से शिक्षक पंचायत मदनलाल देवांगन को बर्खास्त कर दिया गया।

अब तक 5 की गयी जान
शिक्षाकर्मियों का आंदोलन लगातार जारी है, आंदोलन के साथ ही शिक्षाकर्मियों के मौतों का सिलसिला भी चल पड़ा है. एक के बाद एक करते हुए अब तक 5 शिक्षाकर्मियों की मौत हो गई है. सुबह बालोद जिले के गुंडरदेही ब्लॉक के बरबसपुर में पदस्थ शिक्षाकर्मी मनीष वाधवान की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद कवर्धा जिले के नवागांव हटहा के पास एक और शिक्षाकर्मी की सड़क हादसे में मौत हो गई है. घटना बुधवार की शाम करीब 7 बजे की है.

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