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महंगाई के खिलाफ शिवसेना का आंदोलन, नेता हिरासत में

मुंबई : सरकार की सहयोगी पार्टी शिवसेना शनिवार को भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन पर उतरी है। इस दौरान पुलिस ने कई नेताओं को हिरासत में लिया है। यह आंदोलन बढ़ती महंगाई और पेट्रोल-डीजल की बढ़ी कीमतों के खिलाफ किया जा रहा है।

महंगाई के खिलाफ सरकार की विरोधी राकांपा, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने आंदोलन किया था और अब भाजपा सरकार में शामिल शिवसेना भी आंदोलन के मैदान में उतरी है। गौरतलब है राज्य और केंद्र सरकार में भाजपा के साथ मिलकर शिवसेना राज कर रही है। इसके बाद भी शिवसेना आंदोलन करने के लिए सड़क पर उतरी है। विरोधी दलों को शिवसेना की यह भूमिका हास्यास्पद लग रही है।

शिवसेना ने आंदोलन के लिए मुंबई के 11 प्रमुख स्थानों का चयन किया था। पार्टी द्वारा जारी सूची में बोरिवली स्टेशन के सामने ओमकारेश्वर मंदिर के करीब विलास पोतनीस आंदोलन का नेतृत्व करेंगे, वहीं कांदिवली पूर्व से सरोवर होटेल तक अभिजीत अडसुल, जोगेश्वरी इस्माईल कॉलेज के पास विधायक सुनील प्रभु, म्हाडा कार्यालय के सामने विधान परिषद के सदस्य अनिल परब, कुर्ला पूर्व नेहरू नगर में विधायक संजय पोतनीस, भांडुप पश्चिम में पूर्व महापौर दत्ता दलवी, घाटकोपर पश्चिम में राजेंद्र राऊत, चेंबूर नाका के पास मंगेश सातमकर, दादर स्टेशन सदा सरवणकर और परेल में आशीष चेंबूरकर को आंदोलन करना था।

इस आंदोलन के बारे में शिवसेना नेता और पार्टी के विधायक सुनील प्रभु ने बताया कि इस आंदोलन के माध्यम से हम लोग जनता की समस्या की ओर सरकार का ध्यान खीचेंगे। पार्टी एक साथ 11 जगहों पर आंदोलन करेगी। जनता महंगाई से तंग आ गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें गिर रही है जबकि देश में सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ा रही है। ऐसे में शिवसेना जनता की आवाज को बुलंद कर रही है।

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