मध्यप्रदेश

शिवराज का कमलनाथ पर फिर हमला; सवाल पूछा- कांग्रेस है किसकी, सोनिया-राहुल की या कमलनाथ ने अपनी कांग्रेस बना ली है

'आइटम' पर सियासत जारी

मध्य प्रदेश में आइटम’ वाले बयान पर सियासत जारी है। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने वायनाड में कहा कि कमलनाथ भले ही मेरी पार्टी के हैं, लेकिन जिस भाषा का उन्होंने इस्तेमाल किया है, निजी तौर पर मैं उसे पसंद नहीं करता। इसके बाद शिवराज सिंह चौहान फिर से कमलनाथ पर हमलावर हो गए हैं। चौहान ने कहा कि वो माफी मांग रहे हैं लेकिन कमलनाथ कह रहे हैं कि मैं माफी नहीं मांगूंगा।

शिवराज ने कहा कि राहुल गांधी की बात कमलनाथजी ने मानी कब है, राहुल गांधी से कहलवा लिया सरकार बनी तो 10 दिन के अंदर कर्ज माफ कर देंगे, लेकिन बात मानी नहीं। वचन पत्र में कहलवा लिया- बेरोजगार युवाओं को 4 हजार रुपए महीना बेरोजगारी भत्ता देंगे लेकिन नहीं दिया। किसानों को बोनस देंगे लेकिन नहीं दिया। वचन पत्र के वादे पूरे नहीं किए। और अब माफी की बात भी नहीं मान रहे हैं, तो ये कोई नई बात थोड़ी है।

शिवराज ने कहा कि ‘कांग्रेस की स्थिति ऐसी हो गई है कि दिल के टुकड़े हजार हुए, कोई इधर गिरा कोई उधर गिरा। अब कौनसा टुकड़ा राहुलजी के साथ जाता है। कौन-सा टुकड़ा कमलनाथ के साथ जाता है इसका कोई ठिकाना नहीं है। विचित्र स्थिति हो गई है, नेता कह रहे हैं दुर्भाग्यपूर्ण है। कमलनाथ कह रहे हैं यह उनके विचार से होगा। वो माफी मांग रहे हैं लेकिन कमलनाथ कह रहे हैं कि मैं माफी नहीं मांगूंगा।’

‘मध्यप्रदेश में किसकी कांग्रेस है, सोनिया-राहुल जी की कांग्रेस है या कमलनाथ ने अपनी कांग्रेस बना ली है। कमलनाथ दम्भी और अहंकारी तो थे ही, अब अनुशासनहीन भी हो गए हैं। मुझे तो यह समझ नही आ रहा है कि कांग्रेस कार्यकर्ता मानेंगे किसकी। वह राहुल गांधी की मानेंगे या कमलनाथ की मानेंगे, उनकी स्थिति तो विचित्र हो गई है।’

शिवराज ने पत्र लिखा- इमरती देवी से माफी मांगने को कहा था

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सोनिया गांधी को सोमवार को लिखी गई चिट्‌ठी के कुछ घंटे बाद पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज सिंह को पत्र के जरिए ही जवाब दिया। शिवराज ने फिर कमलनाथ को पत्र लिखकर कहा कि वे बार-बार अलग-अलग तरीके से सफाई दे रहे, लेकिन खुलकर इमरती देवी से माफी नहीं मांग रहे। 15 महीने सरकार में रहे, लेकिन महिलाओं व बेटियों के अत्याचार नहीं रुके। भले ही आप मप्र के नहीं हैं, लेकिन जनता आपको स्वीकार करने की कोशिश कर रही है। आपका भी फर्ज है कि मप्र को सिर्फ लूट-खसोट का जरिया न बनाएं, लोगों से प्यार करें।

राहुल गांधी के बयान के बाद कमलनाथ ने कहा कि वो राहुलजी की राय है। मैं क्यों माफी मांगूंगा। मैंने तो कह दिया कि मेरा लक्ष्य किसी का अपमान करना नहीं था। अगर कोई अपमानित महसूस करता है तो मुझे खेद है। जहां तक शिवराज कह रहे हैं कि मैं माफी मांगूंगा तो मेरा कहना है कि माफी तो उन्हें जनता से मांगना चाहिए।

रविवार को ग्वालियर के डबरा में एक सभा में कमलनाथ ने मंत्री इमरती देवी का नाम लिए बिना कहा था, मैं क्या उसका नाम लूं। आप तो मुझ से ज्यादा जानते हो। आपको तो पहले ही सावधान कर देना चाहिए था कि ये क्या आइटम है।

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